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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बजट में 18653 करोड़ रुपये का प्रावधान, मनरेगा मजदूरी 194 से बढ़ाकर 225 रुपये

रांचीः झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बजट 18653 करोड़ रुपये का प्रावधान किया. मनरेगा मजदूरी 194 से बढ़ाकर 225 रुपये कर दी गई. वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा- मनरेगा में मजदूरों के मजदूरी 31 रुपए बढ़ाई गई है. इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए 18653 करोड़ का प्रावधान किया जा रहा है, जो पिछले साल से 11 प्रतिशत अधिक है. राज्य को केंद्रीय करों से मिलने वाली करों में भी कमी देखने को मिली. राज्य के सामेकित करों से भी केंद्र से कटौती कर ली गई. वित्तमंत्री ने कहा- पिछले साल 6.7 फीसदी विकास दर थी. झारखंड के विकास दर में गिरावट आई है. सकल घरेलू उत्पाद में 7.5 फीसदी की गिरावट आई है. विकास दर पटरी पर लौटने लगने लगी है. 2020-21 में विकास दर 9.5 फीसदी होने का अनुमान है.
कृषकों के लिए झारखंड कृषि ऋण माफी योजना लाई है. इसका शुभारंभ एक फरवरी 2021 को जामताड़ा से किया गया है. पिछले साल 1200 करोड़ प्रस्तावित है. सामेतिक कृषि बिरसा ग्राम योजना के तहत हर जिले बिरसा किसान सर्विस सेंटर की स्थापना की जाएगी. कृषकों को बाजार उपलब्ध किया जाएगा. इसके लिए 61 करोड़ रुपए का फंड प्रस्तावित है.
हर प्रखंड में सोलर संचालित डीप बोरिंग करके सिंचाई की जाएगी. 21 45.86 करोड़ का बजट प्रस्तावित है. सरकारी क्षेत्र में उद्यानिकी खेती शहरी क्षेत्रों में खाली जमीन पर गृह वाटिका विकसित की जाएगी. फलों और सब्जियां उगाई जाएगी. 2 करोड़ की लागत से 5 हजार गृह वाटिका विकसित की जाएगी. इससे प्रदूषण मुक्त बनाने में भी मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री बीमा योजना की जगह एक नया फसल राहत योजना शुरू की जाएगी. इसके लिए 50 करोड़ प्रस्तावित किया गया है.
एक नजर बजट की खास बातों पर
• झारखंड मिल्क फेडरेशन की मदद से जमशेदपुर और गिरीडीह में नए प्लांट और रांची में मिल्क प्रोडक्ट उत्पादन प्लांट लगाने की योजना है.
• 2.65 लाख मिट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य है. मत्स्य बीज ग्रामीणों को दिए जाएंगे. जलाशयों के मछुआरों के मत्स्य अनुदान दिया जाएगा.
• दुमका जिले में भूमिगत मेगथिया पाइपलाइन सिंचाई योजना आरंभ की जाएगी. कृषकों के सामाजिक और आर्थिक होने में मदद मिलेगा.
• 213 आहर, तालाब की मरम्मति और सिंचाई योजनाओं को प्रस्तावित किया जाएगा.
• फूलो-झानो योजना के तहत हड़िया-दारू निर्माण से हटा आजिविका के साधनों से जोड़ा जाएगा. आर्थिक के साथ सामाजिक योजना से जोड़ा जाएगा.
• बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत 26 हजार एकड़ में फलदार पौधे रोपे जाएंगे.
• नीलांबर-पीतांबर योजना के तहत 1 लाख हेक्टेयर भूमि के उपचार का लक्ष्य रखा गया है.
• बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर आवास योजना के तहत 32,244 में 20 हजार आवास पूरे कर लिए गए हैं. 3 हजार आवासा नए आवास बनाए जाएंगे.
• 2.43 लाख नए आवास बनाए जाएंगे. पिछली सरकार में केवल मुखिया को राशि मिलती थी. इस साल सभी को मिलेगी.
• जिला पंचायत और राज्य पंचायत संसाधन केंद्र के रखरखाव और संरक्षण के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी.
• राज्य के सभी नागरिकों के लिए राज्य भर के जिला के अस्पतालों में कोविड टीकाकरण कक्ष की स्थापना की गई है.
• 129 केंद्रों पर टीकाकरण किया जाएगा. लाखों लोगों की जान बचाने का क्रेडिट स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और मुख्यमंत्री को जाता है.
• सदर अस्पताल की नई बिल्डिंग रांची से शुरू हो जाएगी.
• गुरुजी किचन नामक नई योजना शुरू की जाएगी. दाल-भात केंद्रों के अतिरिक्त इसकी स्थापान की जाएगी.