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रांचीः झारखंड में तबादले में अब मनमानी नहीं चलेगी. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तबादला अब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होगा. यह पहल स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने की है. विभाग ने प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों के तबादले के लिए पहली बार पोर्टल तैयार किया है. शीघ्र ही इसकी लांचिंग हो सकती है. फिलहाल पोर्टल की टेस्टिंग चल रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसी माह इस पोर्टल की लांचिंग कर सकते हैं. यह प्रयोग सफल रहा तो इसे अन्य विभागों में भी लागू किया जा सकता है.
झारखंड में पहली बार पोर्टल के माध्यम से होगा ऑनलाइन तबादला
स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही कवायद के अनुसार, शिक्षकों से उनके तबादले के लिए इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन लिए जाएंगे. तबादले की पूरी प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी. इस पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें स्कूलाें में शिक्षकों के उपलब्ध पदों की जानकारी से लेकर सभी शिक्षकों के पदस्थापन की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी.कौन शिक्षक कब और किस स्कूल में पदस्थापित रहा है, यह जानकारी भी उपलब्ध रहेगी. जानकारों के अनुसार, पोर्टल के माध्यम से तबादला किए जाने से जहां पारदर्शिता आएगी, वहीं तबादला में होनेवाले भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इससे कोर्ट केस में कमी आएगी. शिक्षकों के मनमाना तबादला किए जाने पर शिक्षक सरकार के विरुद्ध कोर्ट चले जाते हैं जिससे विभाग पर अनावश्यक बोझ पड़ता है.
पांच जोन में बांटे गए हैं स्कूल
विभाग ने शिक्षकों के तबादले के लिए वर्ष 2019 में नियमावली तैयार की है. इसके तहत स्कूलों को पांच जोन में बांटे हैं. शिक्षकों का तबादला इसी नियमावली के तहत जोन के आधार पर शिक्षकों का अब तबादला होना है.
अंतर जिला स्थानांतरण चाहनेवाले को मिलेगा त्वरित लाभ
ऑनलाइन तबादला का त्वरित लाभ उन हजारों प्राथमिक शिक्षकों को मिलेगा जो अंतर जिला स्थानांतरण चाह रहे हैं. नियुक्ति के बाद इनका गृह जिला में स्थानांतरण नहीं हो सका है. इसका लाभ उन शिक्षक या शिक्षिकाओं को भी मिलेगा जो पति-पत्नी के आधार पर एक ही जगह तबादला चाहते हैं.
केस-1: लातेहार स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरवाटोली की नवनियुक्त शिक्षिका अहिल्या कुमारी अपना तबादला रांची इसलिए चाहती हैं, क्योंकि उनके पति रांची में पदस्थापित हैं. कई आवेदन देने के बाद भी उनका तबादला नहीं हो रहा है. पोर्टल लांच होने से उनका तबादला शीघ्र हो सकता है.
केस-2: रांची के कई स्कूलों में छात्रों के अनुपात में शिक्षक कम हैं. वहीं, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे अधिक और शिक्षक कम हैं. ऑनलाइन तबादला शुरू होने से शिक्षकों का पदस्थापन उचित तरीके से हो सकेगा.

