नईदिल्ली:पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) की सचिव मती विनी महाजन ने आज असम के मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ के साथ जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा की. मती महाजन ने राज्य में दोनों प्रमुख मिशनों के कार्यान्वयन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नल से घरों में पानी की आपूर्ति मुहैया करने में असम में हुई गई प्रगति की सराहना की. उन्होंने कहा, ”असम 2024 तक हर घर में स्वच्छ नल का पानी उपलब्ध कराने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काफी प्रगति में है. केंद्र लक्ष्य प्राप्त करने के लिए राज्य को पूरी सहायता प्रदान कर रहा है.’’ डीडीडब्ल्यूएस के अतिरिक्त सचिव अरुण बरोका, एस अब्बासी, एसीएस प्रभारी, एसबीएम और जेजेएम, असम, समीर सिन्हा, वित्त सचिव, असम और डीडीडब्ल्यूएस के अधिकारी भी ऑनलाइन समीक्षा के दौरान मौजूद थे.
मती महाजन ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, ”जल जीवन मिशन एक विकेन्द्रीकृत, मांग-प्रेरित, समुदाय-प्रबंधित जलापूर्ति योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर में नल से स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाकर ग्रामीण लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है. उन्होंने पिछले छह महीनों के दौरान राज्य द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की.
स्वच्छ भारत मिशन के कार्यान्वयन पर चर्चा करते हुए मती महाजन ने कहा, ”जिलों ने हालांकि खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया है, लेकिन यह एक बार का प्रयास नहीं है. कार्यक्रम के तहत हर समय गांवों की ओडीएफ स्थिति को बनाए रखने के लिए सामाजिक और व्यवहारपरक बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं.’’ उन्होंने राज्य के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में नल से जल की आपूर्ति को प्राथमिकता देने की अविलंब आवश्यकता पर भी जोर दिया.
जल जीवन मिशन की जब 15 अगस्त, 2019 को घोषणा की गई थी उस सयम राज्य के कुल 63.35 लाख घरों में से सिर्फ 1.11 लाख (1.76 फीसदी) नल से जल की आपूर्ति हो रही थी. करीब 28 महीनों में 17.46 लाख घरों को नल का स्वच्छ जल उपलब्ध कराया गया है. पिछले छह महीनों में ही 8.5 लाख से अधिक घरों में नल से स्वच्छ जल की आपूर्ति की गई है.
असम के मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ ने राज्य का कार्य-निष्पादन प्रस्तुत करते हुए कहा, ”पूर्वोत्तर के सबसे बड़े प्रांत में हमने वहां से सफर की शुरुआत की है जहां नल से जल की आपूर्ति का कवरेज महज 1 फीसदी था. इस लिहाज से देखें तो अच्छी प्रगति है. हमने पिछले छह महीनों में अच्छी प्रगति की है. चूंकि राज्य ने कम आधार पर शुरुआत की थी, इसलिए कार्यक्रम के कार्यान्वयन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में समय लगा. अब शेष कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा.

