मरीज के बाएं पैर में फ्रैक्चर हुआ था, लेकिन डाक्टरों ने उसके दाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया. ऑपरेशन के बाद भी जब दर्द बन्द नहीं हुआ तो दुसरे लैब में जांच हुआ तो असलियत सामने आई, जिसके बाद परिजनों ने नर्सिंग में हंगामा कर दिया. पहुँच होने और सूचना मिलने पर पुलिस और जिला चिकित्सा अधिकारियों की टीम अस्पताल पर पहुंच गई. फिलहाल पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है. लापरवाही का यह मामला आगरा के एक निजी अस्पताल का है.
भुक्त्भोगी के अनुसार खंदौली थाना क्षेत्र के शेरखां निवासी योगेंद्र सिंह का बायाँ पैर में 23 जनवरी को सडक दुर्घटना हुआ था. इधर उधर इलाज कराने के बाद डाक्टरों ने उसे ऑपरेशन के लिए बोला. इलाज के लिए योगेन्द्र 23 फरवरी को सड़ाना हॉस्पिटल, रामबाग में भर्ती हो गया. आरोप है कि अस्पताल में उसके बाएं पैर की जगह दाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया गया. उस वक्त वह बेहोश था इसलिए पता नहीं चला. जब होश आया तो देखा कि डाक्टरों ने सही पैर का ऑपरेशन कर उसके दूसरे पैर को भी खराब कर दिया है. इस घोर लापरवाही को लेकर हॉस्पिटल के अन्य मरीज भी हतप्रभ रह गए. मामले की सूचना किसी ने 112 नम्बर पर पुलिस को दे दी. पुलिस मौके पर पहुंचकर पूछताछ शुरू कर दी.
मरीज की पत्नी रेखा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद भी उसके पति को दर्द हो रहा था. कई दिन तक दर्द बंद नहीं हुआ तो कमलानगर के ओजस हॉस्पिटल सीटी स्कैन कराया तब जानकारी हुई कि जिस पैर में ऑपरेशन हुआ है उसमें कोई फ्रैक्चर नहीं है. दूसरे पैर में फ्रैक्चर है, जिसका ऑपरेशन नहीं हुआ है. अब हॉस्पिटल स्टाफ कोई कार्रवाई न करने के लिए दबाव बना रहा है. मौके पर चिकित्सा अधिकारयों की टीम भी पहुंच गई है.

