झारखंड हाई कोर्ट में जेएसएससी की नई नियुक्ति नियमावली के खिलाफ दाखिल याचिका पर बुधवार को टल गयी. मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस बुधवार को अदालत के नहीं बैठने कारण मामले में सुनवाई नहीं हो सकी.
रमेश हांसदा और कुशल कुमार की ओर से हाई कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से जेएसएससी नियुक्ति के लिए नई संशोधन नियमावली को लेकर याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि यह नियमावली संविधान की मूल भावना के विपरीत है और समानता के अधिकार का उल्लंघन है. वैसे अभ्यर्थी जो राज्य के निवासी होते हुए भी राज्य के बाहर से पढ़ें हो, उन्हें नियुक्ति परीक्षा से नहीं रोका जा सकता है. इसलिए नई नियमावली को निरस्त किया जाए
बता दें की नई संसोधित नियमावली के अनुसार नियुक्ति के लिए वैसे अभ्यर्थी पात्र है, जिन्होंने राज्य के संस्थान से दसवीं और 12वीं की परीक्षा पास की हो. राज्य के संस्थान से पास होने की आहर्ता सिर्फ सामान्य वर्ग के लिए है, जबकि आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को इससे छूट प्रदान की गई है. इसके अलावा जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं की सूची से हिंदी और अंग्रेजी को हटा दिया गया है. वहीं, अन्य उर्दू, ओड़िया और बांग्ला भाषा को शामिल किया गया है.

