एक महिला ने अपने ही भाई की आठ साल की बेटी को गर्म चिमटे से दाग दिया. बुआ द्वारा दागने से नन्ही सी बच्ची के हाथ पैर में फफोले पद गये. लडकी डरी सहमी है. घटना छत्तीसगढ़ बलरामपुर जिले की है. प्रताड़ना जब पड़ोसियों से देखा नही गया तो उन्होंने इसकी शिकायत चाइल्ड हेल्प लाइन में की. सूचना पर चाइल्ड लाइन और पुलिस की टीम ने बालिका को अपने कस्टडी में लेकर काउंसिलिंग के लिए भेजा। पीड़ित बच्ची से पूछताछ में उसने बुआ व फूफा द्वारा बेरहमी से पीटने व बुआ द्वारा गर्म चिमटे से हाथ और पैर में दागने की जानकारी दी। दागने के निशान भी बच्ची के हाथ में पाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी एवं एडीजे मधुसूदन चंद्राकर बलरामपुर सखी सेंटर में बालिका से मिलने पहुंचे। पीड़ित बालिका से बातचीत के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुरैशी ने बलरामपुर पुलिस को मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और चालान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बलरामपुर एएसपी सुशील नायक ने बताया कि पुलिस ने जांच व बयान के बाद आरोपी सीएएफ जवान विक्रम शर्मा एवं उसकी पत्नी सुमन शर्मा के खिलाफ धारा 323, 324 आईपीसी व बाल संरक्षण अधिनियम की धारा 75 JUV के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार बलरामपुर के वार्ड नंबर-5 में किराए के मकान में रहने वाले सीएएफ के जवान विक्रम शर्मा और उसकी पत्नी सुमन शर्मा बच्ची को प्रताड़ित कर रहे हैं। दंपति मूलतः उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों ने तीन माह पूर्व अपनी आठ वर्षीय भतीजी को पढ़ाई कराने के लिए बलरामपुर लेकर आए थे। मासूम को कक्षा तीसरी में दाखिल भी कराया है। तीन माह से बुआ व फूफा द्वारा बच्ची को प्रताड़ित किया जा रहा था। बच्ची के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान भी थे और बच्ची के लगातार रोने बिलखने की आवाज भी आ रही थी। इसके बाद मकान मालिक द्वारा इसकी शिकायत चाइल्ड लाइन में की थी।

