भारतीय रेलवे के कुल 695 अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ (ABDM) के साथ सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया है. इस योजना से भारतीय रेलवे के 80 लाख कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिवारों के साथ-साथ आम लोगों को भी रेलवे के अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका मिला।
शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए बताया गया कि, अगर कोई भी रेलवे अस्पताल का मरीज बेहतर इलाज के लिए एबीडीएम के साथ जुड़े किसी अन्य अस्पताल में जाता है तो एकीकृत प्रणाली की मदद से मेडिकल रिकार्डों का आसानी से डिजिटल फार्मेट में आदान-प्रदान किया जा सकता है। यह एक तेज, आसान और निर्बाध प्रक्रिया है, जिससे चीजों को आसान बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही मरीजों और उनके परिजनों को भी व्यर्थ की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा
बता दे कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सितम्बर 2021 में की थी. इसके के तहत व्यक्ति को डिजिटल हेल्थ आईडी मिलती है जिसमे स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा.’’
आधार नंबर की तरह एक यूनिक आइडेंटिटी नंबर होता है. इसी नंबर से स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यक्ति की पहचान होगी और डॉक्टर इसी नंबर से उस व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड जान लेते है.


