राजमहल के सलबंदरा गांव के आगस्टीन मरांडी (30) जान उधारी के पांच हजार रूपये नहीं लौटने के कारण हुई थी. बचने के लिए हत्यारों ने घटना को सडक हादसे का शक्ल दे दिया था. मृतक की पत्नी के संदेह व्यक्त करने पर छानबीन में पता चला कि उसकी हत्या कर मामले को सड़क हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया है. एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा गुरुवार को तीनपहाड़ थाना में काण्ड का खुलासा करते हुए आगस्टीन की मौत सड़क हादसे में नहीं हुई थी, बल्कि सुनियोजित ढंग से उसकी हत्या की गई थी. चार जनवरी को तीनपहाड़ थाना में इस साल सड़क हादसे का केस दर्ज हुआ था.
मामले में राजमहल एसडीपीओ अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन कर छानबीन में वृंदावन गांव के चतुर हेम्ब्रम(19) और कल्याणी महाराजपुर के बबुनी हांसदा उर्फ रामू अरुण हांसदा (40) से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना दोष स्वीकार करते हुए बताया कि अगस्टीन ने चतुर हेम्ब्रम से करीब पांच हजार रुपए उधार लिया था. मांगने पर रुपए नहीं लौटा रहा था. इसी गुस्से में चतुर व बबुनी हेम्ब्रम ने टेम्पो लेकर घर लौटने के क्रम में उसकी हत्या कर देने की योजना बनाई.
अगस्टीन टेम्पो चलाता था. योजना के तहत अगस्टीन रामपुर गांव की ओर से सवारी उतार कर घटना यानी तीन जनवरी की रात को मेन रोड की तरफ आ रहा था, तभी दोनों ने हाथ देकर उसके टेम्पो को रोकवाया और चतुर हेम्ब्रम ने अपने टोपी से अगस्टीन का मुंह दबा दिया एवं बबुनी हांसदा ने एक लोहे के नुकीले छोटे रड से उसके सिर व छाती पर प्रहार कर घायल कर दिया. दोनों को लगा अगस्टीन मर गया है तो टेम्पो केबीच शव को लोड कर मेन रोड पर आकर बेसिक स्कूल वृंदावन के पास टेम्पो से नीचे गिरा दिया और टेम्पो को उसके उपर उलट दिया, ताकि लगे कि टेम्पो दुर्घटना में अगस्टीन की मृत्यु हुई है.
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हुए लोहे के छड़ व टोपी को भी बरामद कर लिया है. पत्रकार सम्मेलन में एसडीपीओ अरविंद कुमार सिंह, पुलिस निरीक्षक राजीव रंजन , थाना प्रभारी अनुपम प्रकाश आदि मौजूद थे.

