नई दिल्ली:- देश में चलाए जा रहे टीकाकरण कार्यक्रम के बीच कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत में एक्सपायर्ड कोरोना के टीके लगाए जा रहे हैं. सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इन दावों को झूठा और भ्रामक बताया है.
सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि भारत में राष्ट्रीय कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एक्सपायर्ड टीके लगाए जा रहे हैं. यह गलत और भ्रामक है और अधूरी जानकारी पर आधारित है.
साथ ही कहा गया कि द सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने 25 अक्टूबर 2021 को भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के पत्र के बाद कोवैक्सीन की शेल्फ लाइफ को 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया था. इसी तरह राष्ट्रीय नियामक द्वारा 22 फरवरी 2021 को कोविशील्ड की शेल्फ लाइफ को भी 6 महीने से बढ़ाकर 9 महीने कर दिया गया था.
केंद्रीय मीडिया विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैक्सीन निर्माता समय-समय पर अपनी वैक्सीन की स्टैबिलिटी पर परीक्षण करते रहते हैं. इस परीक्षण का डेटा राष्ट्रीय नियामक को भेजा जाता है. इसी के तहत सभी वैक्सीन की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जाती है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने टीकाकरण का लिया जायजा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को नई दिल्ली के डाक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल का दौरा कर 15-18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान का जायजा लिया. मंडाविया ने स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत की और उन बच्चों से भी जो टीकाकरण के लिए सेंटर पहुंचे हुए थे.
बता दें कि देशभर में सोमवार सुबह 15-18 आयु वर्ग के लिए कोरोना टीकाकरण शुरू हुआ है. 15 से 18 साल की आयु वर्ग के लिए CoWIN पंजीकरण शनिवार को शुरू हो गया था. 15-18 आयु वर्ग के 12,57,603 बच्चों ने टीकाकरण के लिए CoWIN प्लेटफार्म पर अब तक पंजीकरण कराया है. 25 दिसंबर, 2021 को पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि 15-18 वर्ष की आयु के लिए टीकाकरण सोमवार से शुरू होने वाला है.

