पॉवर मिनिस्ट्री ने 2021-22 में परियोजना चालू करने का रखा है लक्ष्य,दो माह से कम बचा है समय।
रांची – एनटीपीसी के चट्टी-बरियातू कोल परियोजना वर्ष 2021-22 में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसे पूरा होने में दो महीने से भी कम समय बचा है।हालांकि परियोजना को वन एवं पर्यावरण विभाग से 3 मार्च 2016 को स्वीकृति मिल चुकी है । स्वीकृति मिले पांच साल होने को है फिर भी कोल प्रोडक्शन चालू नही हो पाया है। कोल प्रोडक्शन मई 2021 में करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन बिडर्स के आग्रह पर बिड री शेड्यूल्ड और लैंड क्लियरेंस के कारण माइनिंग ऑपरेशन का लक्ष्य 2021-22 किया गया है। भारत सरकार को पॉवर मिनिस्ट्री द्वारा पावर सेक्टर के कोल ब्लॉक के डेवलपमेंट रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल परियोजना को विभागीय एनओसी 2016 में ही मिल चुका था। फिर भी कोल परियोजना में देरी का कारण ऊर्जा मंत्रालय ने भारत सरकार को दिए अपने रिपोर्ट में कहा है कि 2017 में एमडीओ नियुक्त कर दिया गया था लेकिन अनुबंधीय इश्यू के कारण 2019 में एमडीओ रद्द किया गया। रिपोर्ट में क्रिटिकल इश्यू बताते हुए कहा गया है कि जिला प्रशासन से ज्यादा से ज्यादा कैम्प लगाकर निजी जमीन अधिग्रहण कर मुआवजा वितरण का आग्रह किया गया है। अब सवाल है कि दो माह से कम समय मे चट्टी-बरियातू कोल प्रोडक्शन कैसे चालू होगा ? अभी तक कंपनी सड़क बनाने में ही लगी हुई है जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
सीबीआई ने दर्ज किया था केस,एनटीपीसी के डायरेक्टर गए थे जेल: मंटू सोनी
ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा चट्टी बरियातू में देरी का कारण भारत सरकार अनुबंधीय इश्यू बताया है लेकिन भास्कर के पास जो जानकारी है उसके अनुसार चट्टी बरियातू परियोजना में पहले बीजीआर एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड से एनटीपीसी ने एमडीओ अनुबंध किया था। एनटीपीसी के तत्कालीन डायरेक्टर (फाइनांस) कुलमनी विश्वास,बीजीआर-इंफ्रा के डायरेक्टर बी रोहित रेड्डी,टी प्रभात कुमार व अन्य अज्ञात पर करप्शन के आरोप में सीबीआई ने आरसी नम्बर 07 ए 2017 यू/एस 11& 12 ऑफ पीसी एक्ट 1988 एंड 120 बी भादवी के तहत मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने सभी को गिरफ्तार भी किया था । जिसके कारण के एनटीपीसी ने बीजीआर एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमडीओ अनुबंध रद्द कर ऋत्विक-एएमआर के साथ एमडीओ अनुबंध साइन किया है।

