एलडीए की सीजी सिटी योजना में जमीन बेचने, विकास कार्यों में तत्कालीन अधिकारियों द्वारा घोटाला किया है. फर्जीवाड़ा पकड़ में आया हैका विकास वर्ष 2013 से 2017 के बीच किया गया. इस . शासन के वित्त विभाग ने 21 दिसम्बर 2021 को जांच के आदेश दिए थे. जांच स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग प्रयागराज के निदेशक अजय द्विवेदी ने प्रमुख सचिव वित्त, प्रमुख सचिव आवास को सौंपी जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. जांच रिपोर्ट में 56 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला के साथ कई अनियमितताओं भी सामने आई है. जांच अधिकारियों ने बताया कि . लेखा परीक्षा विभाग को जांच के लिए सभी फाइलें तक नहीं मिल पायीं. माना जा रहा है कि दोषी अफसर-इंजीनियर और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है.
जानकारी के अनुसार तत्कालीन अधिकारियों ने चहेते बिल्डरों को सारे नियम-कानून को दरकिनार कर कम कीमत पर भूखण्ड दे दिया. वित्तीय वर्ष 2016-2017 में जिस जमीन की कीमत 35613 रुपए प्रतिवर्गमीटर तय थी उसे चहेतों को मात्र 27889 रुपए प्रतिवर्गमीटर में बेच दिया. इससे एलडीए को 11 करोड़ 81 लाख 55 हजार 32 रुपए का नुकसान हुआ. इसी तरह के अन्य दो और मामले है. चक गंजरिया सिटी परियोजना के विकास, निर्माण की लागत 11.20 करोड़ रुपए बढ़ा दी थी. वहीं अधिकारियों ने ठेकेदारों के बजाय एलडीए के खाते से 9.56 करोड़ सेस का भुगतान कर दिया. रिपोर्ट में सीजी सिटी की मिट्टी भराई में 4.05 करोड़ अधिक भुगतान की बात भी कही गयी है. इण्टरलॉकिंग टाइल्स में 41.64 लाख का घपला कर प्राधिकरण को 41.64 लाख रुपए का नुकसान पहुँचाया.

