गिरिडीह के घोड़थम्बा थाना क्षेत्र के महेशमरवा पंचायत के झांझ निवासी अजय साव की तीन वर्षीय बेटी की मौत ऑक्सीजन की कमी से हो गयी. गलती से डीजल पी लेने के कारण उसे रेफरल अस्पताल धनवार में एडमिट करवाया गया था. जानकारी के अनुसार अजय साव की बेटी ने गलती से डीजल पी लिया था. जिसके कारण उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. आनन फानन में परिजन उसे धनवार रेफरल अस्पताल ले आए. जहां मौके पर मौजूद डॉ. नीरज कुमार ने इलाज के दौरान ऑक्सीजन लगा दिया. थोड़ी देर बाद तबीयत में कुछ सुधार होने लगी लेकिन कुछ ही देर में ऑक्सीजन खत्म हो गया और मासूम बच्ची की रेफरल अस्पताल में ही मौत हो गई.
धनवार माले के प्रखंड सचिव किशोरी अग्रवाल ने रेफरल अस्पताल में भारी कुव्यवस्था है. अगर अस्पताल में ऑक्सीजन होता तो शायद बच्ची की मौत नहीं होती. अस्पताल में इमरजेंसी के लिए सोलर सिस्टम लगाया गया है ताकि रात्रि में भी मरीजों को कोई दिक्कत नहीं हो. बावजूद इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पाता है बल्कि सीधा कनेक्शन निजी आवास को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि जब वे रेफरल अस्पताल जानकारी के लिए पहुंचे तो दोनों डॉक्टर एक दूसरे पर दोषारोपण करते नजर आए.
डॉ. नीरज जैन और डॉ इंद्रजीत कुमार से जानकारी ली. डॉक्टरों ने ने कहा कि बच्ची की मौत रेफरल अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं होने के कारण हुई है.
रेफरल अस्पताल राजधनवार, गिरिडीह के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ. इंद्रजीत कुमार ने कहा कि बच्ची बहुत सीरियस थी. उसे कंस्टेटर के द्वारा ऑक्सीजन लगाया गया था. इस बीच बिजली कट गई. बिजली कटने के बाद चार-पांच मिनट जेनरेटर चालू करने में लग गया. इस बीच बच्ची की मौत हो गई.

