ओवैसी की बयानबाजी से क्षुब्ध था। जिसके चलते वर्ष 2017 में उसने हमले की योजना बनाई। हमला करने के लिये उसने पिस्टल भी 2018 में ख़रीद ली। ओवैसी पर हमले के लिये गुरुवार को उसने अपने दोस्त के साथ किठौर क्षेत्र से पीछा किया। और टोल टैक्स पर आकर फायरिंग कर दी। हालांकि ओवैसी बच गए। यह कहना है AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर हमला करने वाले आरोपी का. दोनों आरोपी शुक्रवार को पकडे गये. पुलिस पूछताछ में उसने अपना नाम सचिन गांव दुरियाईपुर थाना बादलपुर नॉएडा बताया। जबकि अपने साथी का नाम शुभम निवासी गाँव सांपला बेगमपुर थाना नकुड़ जिला सहारनपुर बताया। पुलिस ने दोनों को जिला न्रोयायालय में पेश किया। जहां से न्यायाधीश ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
बताते चले कि हापुड़ के पिलखुवा स्थित छिजारसी टोल प्लाजा पर गुरुवार की शाम करीब 6 हजे कार सवार दो युवकों ने फायरिंग कर दी। जिसमें ओवैसी की कार के टायर में गोली लगी। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।दोनों आरोपी को पकड़कर पुलिस थाने ले आई।
पुलिस पूछताछ में सचिन ने बताया कि वह आरोपी मजदूरों की ठेकेदारी का कार्य करता है।जबकि उसका दोस्त शुभम काम के लिये उसके पास आया था।उसके पास से मिली पिस्टल भी अवैध है।जिन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आरोपी सचिन औऱ शुभम को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने ओवैसी की बयानबाजी से क्षुब्ध होकर हमला करने की योजना बनाई थी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल में जुटी है। आरोपियों से पिस्टल और कार भी बरामद की है। न्यायालय से दोनों आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया


