संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, “इस तरह के हमले के बारे में कोई सुराग या गुप्त सूचना नहीं थी. मौके की जांच करने पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और पुलिस ने एक कार और दो पिस्तौल बरामद की. फोरेंसिक टीम घटना की जांच कर रही है और उत्तर प्रदेश पुलिस दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है.”
गृह मंत्री ने कहा, ”केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से पहले मिली जानकारी के आधार पर केंद्र ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया था, लेकिन सुरक्षा नहीं लेने के कारण, दिल्ली और तेलंगाना पुलिस के उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के प्रयास सफल नहीं हुए.”पिछले हफ्ते, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हापुड़ में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल (एआईएमआईएम) प्रमुख कार की कार पर गोलियां चलाई गईं. ओवैसी राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के बाद दिल्ली लौट रहे थे. हमले में कोई घायल नहीं हुआ, हमले के घंटों बाद सांसद ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी.
हत्या के प्रयास के आरोपित दो व्यक्तियों की पहचान क्रमश: गौतम बौद्ध नगर और सहारनपुर निवासी सचिन और शुभम के रूप में हुई है. पुलिस ने कहा कि हमलावरों के कब्जे से दो पिस्तौलें जब्त की गईं और मामले के सिलसिले में एक मारुति ऑल्टो कार भी जब्त की गई.
घटना के एक दिन बाद, केंद्र ने ओवैसी को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा की पेशकश की, लेकिन बाद में ओवैसी ने इसे खारिज कर दिया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से उन्हें “ए श्रेणी” का नागरिक “समान” बनाने के लिए कहा.
उन्होंने कहा, “मुझे जेड श्रेणी की सुरक्षा नहीं चाहिए. मैं आप सभी के समान ए श्रेणी का नागरिक बनना चाहता हूं. मुझ पर गोली चलाने वालों के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) क्यों नहीं लगाया गया? मैं जीना चाहता हूं.” ओवैसी ने पिछले हफ्ते लोकसभा में कहा था, ”मेरी जिंदगी तब सुरक्षित होगी, जब गरीब सुरक्षित होंगे. मैं उन लोगों से नहीं डरूंगा, जिन्होंने मेरी कार पर गोली चलाई.”
ओवैसी ने हमले की चुनाव आयोग (ईसी) से स्वतंत्र जांच की भी मांग की.
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