चतरा: चतरा जिले के सिमरिया अनुमंडल स्थित हर्षनाथपुर गांव के किसान शंभू यादव ने कश्मीर की तर्ज पर स्ट्रॉबेरी की खेती को अपनाकर न सिर्फ एक अभिनव प्रयोग किया है बल्कि ये आत्मनिर्भरता की एक मिसाल भी बन गए हैं। उन्होंने लगभग दस कट्ठा में स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए हैं। इन पौधों में अब चटक लाल रंग के स्ट्रॉबेरी फल आकर खेतों की भी सुंदरता बढ़ा रहे हैं.
वे इनदिनों स्ट्राबेरी के फल की प्रत्येक दिन तुड़ाई कर रहे हैं और स्थानीय मार्केट के साथ-साथ कोलकाता की मंडियों तक भी इसे भिजवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय मार्केट में दो सौ रुपये और कोलकाता की मंडियों में छह से आठ सौ रुपये प्रति किलो स्ट्रॉबेरी बिक रहें हैं.किसान शंभू यादव ने बताया कि कश्मीर भ्रमण के दौरान वहां की खेतों में स्ट्राबेरी की फसल देखी थी जिससे प्रेरित होकर इसकी खेती का निर्णय लिया। वहां के किसानों से इसकी खेती की पूरी जानकारी ली। फिर वापस आकर मिट्टी की जांच करवाई.कोलकाता की एक एजेंसी से स्ट्राबेरी के पौधे मंगवाए और खेतों में लगवाए
पहली बार स्ट्राबेरी की खेती करने में कुछ परेशानियां भी आई। कई किसानों ने उपहास उड़ाया। किन्तु यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहा और स्ट्राबेरी के फल आमदनी देने लगे हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में अन्य किसानों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर इसकी खेती करने की योजना है. यदि यह योजना सफल रही तो यहां के किसानों की तकदीर बदल जाएगी। हालांकि यह कयास लगाए जा रहे हैं कि किसान शंभू यादव का यह अनूठा कदम उसके साथ-साथ उन किसानों के लिए भी एक दिन बेहतरीन आमदनी का जरिया अवश्य बनेगा.

