धनबाद/निरसा: बच्चियों – महिलाओं की सुरक्षा की बात करने वाली झारखण्ड सरकार के संरक्षण में चल रहे धनबाद के निरसा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में बच्चियां सुरक्षित नही है. आवासीय विद्यालय में करीब 500 छात्राए पढ़ती है. माँ-बाप बच्चियों के अच्छे भविष्य के लिए पढाई जरूरी है ऐसा मान कर बेटियों को अपने से दूर हॉस्टल में पढने भेजती है. पर जब बेटी का वर्तमान सुरक्षित नही रहेगा तो भविष्य का क्या कहेंगे. मामला शुक्रवार की रात का है जब धनबाद के निरसा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में बदमाश घुस गया. घात लगा कर बैठा था. जब एक छात्र शौचालय के लिए नीली तो बदमाश ने उसका हाथ पकड लिया और छेड़खानी करने लगा. छात्रा डर कर शोर मचाने लगी तो बदमाश भाग गया. पीड़ित छात्र के साथ हॉस्टल की सभी छात्राएं डरी सहमी है.
पीड़िता कक्षा दस में पढ़ती है. बताया की बदमाश शौचालय के पीछे छिपा हुआ था. पहचान छिपाने के लिए उसने मास्क पहना हुआ था. उसे चोट भी लगी है. उसके हाथ पैर पर चोट के निशान है. छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं का कहना है कि स्कूल और हॉस्टल में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. यहां लगभग 500 छात्राएं रहतीं हैं जिनकी सुरक्षा के लिए दिन रात में मात्र दो सुरक्षा गार्ड को तैनात किया गया है. रात वाले गार्ड ड्यूटी से लापरवाह रहते हैं और मनचले यहां आ जाते हैं.

