संसद में गरजे पीएम मोदी उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की इक्षा थी कि कांग्रेस हो खत्म कर दिया जाए. उन्होंने आगे कहा कि कहा कि अगर महात्मा गांधी की इच्छानुसार कांग्रेस न होती तो क्या होता. उन्होंने कहा कि
अगर कांग्रेस न होती तो लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता,
अगर कांग्रेस न होती तो भारत विदेशी चस्पे के बजाय स्वदेशी संकल्पों के रास्ते पर चलता,
अगर कांग्रेस न होती तो देश पर इमरजेंसी का कलंक नहीं होता,
अगर कांग्रेस न होती दशकों तक करप्शन को संस्थागत न बनाकर रखा होता,
अगर कांग्रेस न होती जातिवाद और क्षेत्रवाद की खाई इतनी गहरी नहीं होती,
अगर कांग्रेस न होती तो सिखों का नरसंहार न होता,
अगर कांग्रेस न होती सालों-साल पंजाब आतंक की आग में न जलता,
अगर कांग्रेस न होती कश्मीर के पंडितों को कश्मीर छोड़ने की नौबत न आती,
अगर कांग्रेस न होती बेटियों को तंदूर में जलाने की घटनाएं न होती,
अगर कांग्रेस न होती देश के सामान्य आदमी को मूल सुविधाओं के लिए इतने साल इंतजार न करना होता.
आगे पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस को नेशन से भी समस्या है. पीएम ने कहा कि अगर ऐसा है तो आपकी पार्टी का नाम इंडियन नेशनल कांग्रेस क्यों है, अगर दिक्कत है तो पार्टी का नाम बदल लीजिए और फेडरेशन ऑफ कांग्रेस कर देना चाहिए.

