पंजाब चुनाव में हार के लिए नाकामयाबी का ठीकरा कैप्टन अमरिंदर सिंह के माथे फोड़ रहे है. रणदीप सुरजेवाला ने शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर अन्य तमाम चीजों में हमने पूरा फोकस किया है, लेकिन भावनात्मक मुद्दे जनता पर हावी हो गए हैं.उन्होंने कहा कि कैप्टन के साधे चार साल के शासन के चलते पंजाब में ऐंटी-इनकम्बैंसी के कारण ऐसा हुआ.
पंजाब में आम आदमी पार्टी को 93 सीटों पर जीत मिलने और कांग्रेस के 17 सीटों पर सिमटने के बाद कांग्रेस में एक बार फिर नेतृत्व पर सवालों का दौर शुरू हो सकता है . सोनिया गांधी ने कार्यसमिति की बैठक बुलाने का फैसला लिया है. इस बात से यह भी साफ है कि हार के बाद . यही नहीं पंजाब में बड़े बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं. इसकी वजह यह है कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी चुनाव हार गए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने हार की समीक्षा के लिए केंद्रीय समिति की बैठक बुलाई है.

