गाजियाबाद: अभिभावक के जेब पर निजी स्कूलों की मनमानी भरी पर रही है. कोरोना काल में सबकी स्थिति डांवाडोल हुई है. ऐसे में अब जब स्कूले खुल चुकी है तब निजी स्कूलों की मनमानी अभिभावक पर किताब ड्रेस के लिए दवाब बना रहे है. इसके खिलाफ अभिभावक प्रशासन और सरकार से शिकायत भी कर चुके है. निजी स्कूल ड्रेस और स्टेशनरी खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर नहीं कर सकेंगे. इसके लेकर गाजियाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से सख्त आदेश जारी किए हैं. किसी भी स्कूल से अभिभावकों को जबर्दस्ती किताब बेचने की शिकायत मिलती है तो ऐसे स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अभिभावक जिस दुकान से चाहें, किताब खरीद सकते हैं.
निर्देश में स्कूलों को उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 का पालन करने के लिए कहा गया है. वहीं विद्यालय में कक्षावार बच्चों को लगाई गईं पुस्तकों की सूची छात्रों व अभिभावकों को उपलब्ध करानी होगी. कौन सी कक्षा के बच्चों की किताब या ड्रेस किस दुकान पर मिलेगी, इसकी जानकारी भी स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर देनी होगी.
डीआईओए प्रदीप द्विवेदी ने कहा कि अब ड्रेस, किताब या अन्य कोई भी वस्तु खरीदने के लिए स्कूल अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकेंगे. अगर कोई स्कूल ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

