कोरोना काल में कोचिंग संस्थान भी संकट से जूझ रहे है. इसको लेकर कोचिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया का प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता मुलाकात कर राहत की मांग की। विनय आईएएस एकेडमी के विनय सिंह, चाणक्य करियर एकेडमी के सुजीत कुमार झा और श्रीमन क्लासेज के श्रीमन नारायण त्रिगुण के नेतृत्व वाले तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कोरोना काल में लगातार दो साल से बंद कोचिंग संस्थानों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।
सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष मुकेश मित्तल भी साथ थे, जिन्होंने शिक्षण संस्थानों के समर्थन में मंत्री के समक्ष बातें रखीं। सभी की बातें सुनने के बाद मंत्री ने एसोसिएशन की मांगों से सहमति जताई और उनकी बात को कैबिनेट की बैठक में रखने तथा सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें बताया कि लगातार दो साल से बंद रहने के कारण कोचिंग प्रबंधन की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों के सामने जीवनयापन की समस्या उत्पन्न हो गयी है। साथ ही प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है जिससे विद्यार्थी अवसाद से ग्रसित हो रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने बन्ना गुप्ता से अनुरोध किया कि जो छात्र-छात्रा डबल वैक्सीन ले चुके हैं उन्हें ही 50% क्षमता के साथ कोचिंग आने की अनुमति दी जाए।

