धनबाद: झरिया से प्रकाशित मातृ भूमि पंचांगम् का लोकार्पण सोमवार को झरिया चिल्ड्रन पार्क की स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर में हुआ. मुख्य अतिथि आचार्य जी अर्जुन पांडेय व्याकरणाचार्य थे. अपने संबोधन में आचार्य अर्जुन पांडेय ने कहा कि यह बड़े ही हर्ष का विषय है कि देश की कोयला राजधानी झरिया से पंचांग का प्रकाशन हुआ है. जो सनातन संस्कृति के अनुरूप है. पंचांग के माध्यम से आम आदमी भी दिन, तिथि एवं व्रत त्यौहार को समझ सकता है. श्री पांडेय ने कहा कि वाराणसी से प्रकाशित पंचांग की भाषा प्रत्येक व्यक्ति नहीं समझ पाते. लेकिन पंडित राज किरण झा और पंडित गोपाल पांडेय ने सरल भाषा में पंचांग का निर्माण कर नया आयाम रचा है .जिसके लिए साधुवाद है.
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचांग के संपादक पंडित राज किरण झा एवं पंडित गोपाल पांडेय ने किया. संचालन मुक्तेश्वर मिश्र ने किया. मौके पर विहिप के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख आचार्य बलदेव पांडेय, पंडित कुलदीप तिवारी, पंडित अशोक पाण्डे ,पंडित सुबोध पांडेय, आचार्य संदीप झा,पंडित उदय पांडेय, पंडित प्रकाश पाठक आदि मौजूद थे.
झारखंड प्रदेश के झरिया कोयलांचल से प्रकाशित मातृभूमि पंचांगम् ने प्रकाशन के महज दो वर्ष में ही खास पहचान बनाई है. यह बात विद्वान आचार्य अर्जुन पांडेय,व्याकरणाचार्य ने झरिया पार्क मोड़ राधा कृष्ण मंदिर में आयोजित विद्युत परिषद में कही. प्रकाशन के प्रथम वर्ष में संवत्सर नाम ,राक्षस,को लेकर पंचांग के प्रधान संपादक पं राजकिरण झा पर कतिपय पंडितों ने आपत्ति जताई थी.जिसके प्रतिउत्तर में संपादक पं झा ने शास्त्र सम्मत तर्क दिया. जिसका समर्थन अखिल भारतीय प्राच्य ज्योतिष शोध संस्थान काशी द्वारा आयोजित धर्मसभा निर्णय ने किया. साथी काशी से प्रकाशित अन्नपूर्णा पंचांग गम सहित देश के विभिन्न हिस्सों से प्रकाशित कई पंचांग ओं का भी समर्थन मातृभूमि पंचांग को मिला. जो हमारे लिए सम्मान का प्रतीक है.

