कोरोना बीमारी से माता-पिता खोने वाले बच्चों को पीएम केयर फंड से 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे. सरकार इन अनाथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की भी व्यवस्था करेगी. कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की परवरिश क्वारंटाइन प्रक्रिया के कारण बड़ी समस्या बन गई थी. कोरोना में माता पिता को खोने वाले अब ऐसे बच्चों की परवरिश और पढ़ाई लिखाई का खर्च भारत सरकार उठा रही है. कोरोना में केवल माता या केवल पिता को खोने वाले बच्चों को पीएम केयर फंड के दायरे में नहीं लिया गया. अलबत्ता उनके लिए राज्य सरकार की ओर से अलग अलग मदद दी गई. ऐसे बच्चों को मदद दिए जाने के लिए बनाई गई योजनाओं में कई बार फेरबदल भी हुए.
मथुरा जनपद में कोरोना से 450 लोगों की मृत्यु हुई थी. मथुरा में ऐसे 9 बच्चे चिह्नित किए गए हैं जिनके माता पिता दोनों ही कोरोना बीमारी से नहीं बचे. इनकी उम्र 18 वर्ष से कम है.जिला महिला एवं बाल विकास विभाग इन बच्चों की आवश्यक व्यवस्थाएं करा रहा है. अभी तक कोरोना में माता-पिता को खोने वाले बच्चों की पहचान गोपनीय रखे जाने के शासन के निर्देश हैं. इस बारे में जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी ने बताया कि शासन ने कोरोना में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की पहचान हर स्तर पर गोपनीय रखे जाने के लिए कहा है. जो 9 बच्चे चिह्नित किए गए हैं, वे मथुरा, वृंदावन, मांट, फरह आदि क्षेत्रों के हैं. इन्हें पीएम केयर फंड से मदद मिलेगी.

