विश्वविद्यालय ने इन शिक्षकों को अगले छह माह के लिए सेवा विस्तार देने की अनुशंसा की है. विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि 30 मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसपर अंतिम मुहर लग जाएगी. विवि ने अगले छह माह के लिए इन शिक्षकों को सेवा विस्तार देने की अनुशंसा की है. वहीं, विश्वविद्यालय की ओर से
झारखंड विश्वविद्यालय संविदा आधारित शिक्षक संघ ने व कुलाधिपति सह राज्यपाल रमेश बैस से संविदा शिक्षकों को रेगुलर करने की दिशा में नीति तय करने और यूजीसी द्वारा तय पे स्केल देने की मांग की है. संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने कहा कि संविदा आधारित शिक्षक विवि में फुल टाइम शिक्षकों की तर्ज पर लम्बे समय से सेवा दे रहे हैं. संविदा शिक्षकों की नियुक्ति भी यूसीजी नॉर्म्स के आधार पर की गई है. पूरी प्रक्रिया एक लेक्चरर की बहाली प्रक्रिया के तौर पर की गई है.

