गुजरात के आनंद जिले के खंभात इलाके में राम नवमी के दिन फसाद करने के पीछे मौलवी रजक पटेल का नाम सामने आ रहा है. पुलिस ने उपद्रव करने वाले नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुबातिक पकडे गये सभी आरोपी गुजरात के बाहर से लाए गए थे. इन उपद्रवियों को बवाल करने के लिए पैसे दिए जाने की बात कही गयी थी साथ ही पकड़े जाने पर कानूनी मदद का भरोसा दिया गया था. बता दें कि राम नवमी के दिन गुजरात के हिम्मतनगर और आनंद जिले में सांप्रदायिक झड़प हुई जिसे काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे.
आनंद जिले के एसपी अजीत राजियान ने बयान जारी कहा है कि उपद्रवियों का उद्देश्य लोगों में डर पैदा करना था ताकि आगे से वो इस तरह का कोई भी धार्मिक आयोजन ना करें. एसपी अजीत राजियान ने कहा कि ये लोग पैसों के लिए कुछ विदेशी मूल के लोगों से संपर्क में थे.
मौलवी रजक पटेल को इस घटना के पीछे का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है जो फिलहाल फरार है. पुलिस के मुताबिक मौलवी रजक इस घटना को अंजाम देने के लिए जिले के बाहर के कुछ लोगों और कुछ विदेशी लोगों से पैसों को लेकर संपर्क में था. फंड जुटाने का काम मतीन नाम के शख्स को दिया गया था. एटीएस गुजरात की पूछताछ में जमशेद पठान नाम के शख्स ने बताया कि इस घटना का मास्टरमाइंड मौलवी रजक पटेल है.
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कब्रिस्तान के अंदर से राम नवमी के जुलूस पर पत्थर फेंकने की योजना बनाई थी ताकि उन्हें पत्थरों की कमी ना हो. पुलिस के मुताबिक जैसे ही इन लोगों को पता चला कि राम नवमी के जुलूस की अनुमति मिल गई है वैसे ही महज तीन दिन के अंदर इन लोगों ने इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई. पुलिस के मुताबिक स्लीपर सेल मॉड्यूल के आधार पर इस घटना को अंजाम देने की योजना थी.

