गुरुग्राम के अजीत कोटिया और निधि कोटिया को अपनी दोनों बेटियों पर नाज है. उनकी दोनों बेटियों तनिष्का और राधिका को गुरुग्राम से केंद्र की “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के लिये ब्रांड एम्बेसडर घोषित किया गया है. अंतरराष्ट्रीय शंतरंज खिलाड़ी और फीडे मास्टर तनिष्का एसआरसीसी की छात्रा है, जबकि उसकी बहन राधिका सनसिटी स्कूल में पढ़ती है. पिता अजीत कोटिया ने बताया कि, “यह परिवार के लिये गौरव का क्षण है.” हरियाणा प्रदेश शतरंज एसोसिएशन के सचिव नरेश शर्मा ने दोनों बहनों को बधाई देते हुये, उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. तानिश्का को विश्व शतरंज महासंघ द्वारा 2019 में जारी रैंक में अंडर-16 केटेगरी में दूसरा स्थान मिला था. संहिता के उल्लंघन का केस, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिए आदेश
तनिष्का कोटिया का शुमार एशिया के शतरंज के बेहतरीन खिलाड़ियों में शुमार होता है. वह 3 साल की उम्र से शतरंज खेल रही है. उसने हाल के दिनों में 50 से अधिक पदक हासिल किये है. तनिष्का ने 2008 में सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी होने के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स भी जीता. 2014 में स्कॉटलैंड में राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप में सिल्वर और और 2013 में आसियान शतरंज चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है.
तनिष्का कोटिया की तरह उनकी बहन भी एक उच्च स्तरीय शतरंज खिलाड़ी हैं. राधिका ने भी देश-विदेश में कई शतरंज टूर्नामेंट में भाग लेकर, शहर और देश का नाम रोशन किया है.

