रांचीः रांची स्थित सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने चारा घोटाला मामले पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाया. कोर्ट के फैसले में लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया, फैसले के बाद कोर्ट में सान्नता सा छा गया. कोर्ट के बाहर खड़े समर्थको में मायूसी छ गई. कई तो रोते भी दिखे. लालू यादव की पुत्री मिसा , पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई. अदालत के बहर मौजूद रहे राष्ट्रीय जनता दल के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल बारी सिद्दिकी ने कहा कि अदालत के फैसले पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन हम अपने नेता के गिरते स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंतित हैं.
कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए साढ़े ग्यारह बजे का वक्त तय कर रखा था. इसके एक-डेढ़ घंटे पहले से ही लालू के समर्थक अदालत परिसर के बाहर इकट्ठा थे. लालू प्रसाद यादव और राजद के वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही सबको हिदायत दे रखी थी कि अदालत परिसर में या बाहर कोई भी नारेबाजी नहीं करेगा. सबको कहा गया था कि अदालत के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा. हुआ भी ऐसा ही. फैसला आने पर समर्थकों में मायूसी पसर गयी, लेकिन किसी ने कोई नारेबाजी नहीं की.
फैसला आने के बाद लालू प्रसाद यादव की ओर से अदालत से अपील की गई कि खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें जमानत दी जाये या चिकित्सकों की निगरानी में रिम्स भेजा जाये. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने अपराह्न् दो बजे इस आवेदन पर सुनवाई करते हुए उन्हें होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया.
बाद में अदालत ने उनके मेडिकल पीटिशन को भी स्वीकार कर लिया. जेल में आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद लालू यादव को रिम्स ले जाया जायेगा. लगभग ढाई बजे लालू प्रसाद यादव को जब होटवार जेल ले जाया जाने लगा तो उनके पीछे समर्थकों के गाड़ियों का काफिला चल पड़ा. हालांकि जेल से लगभग आधा किलोमीटर पहले ही सभी बाहरी गाड़ियां रोक दी गयीं.

