डोरंडा कोषागार से जुड़े चारा घोटाला मामले में एक बार फिर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सीबीआई की विशेष अदालत में डोरंडा कोषागार से जुड़े चारा घोटाला मामले में आज शनिवार को बहस पूरी हो गई. कोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. सीबीआई कोर्ट इस मामले में 15 फरवरी को फैसला सुनायेगा. बिहार के पूर्व सीएम और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव समेत 101 आरोपी हैं. लालू प्रसाद फिलहाल जमानत पर हैं. डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ की अवैध निकासी हुई थी.
चारा घोटाले के इस मामले में डोरंडा कोषागार से 1990 से 1995 के बीच 139. 35 करोड़ की अवैध निकासी की गयी थी. इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, तत्कालीन लोक लेखा समिति के अध्यक्ष जगदीश शर्मा, ध्रुव भगत, पूर्व विधायक डॉ आरके राणा, पशुपालन विभाग के अधिकारी फूलचंद सिंह, वित्त सचिव बेक जूलियस, संयुक्त सचिव केएम प्रसाद सहित कई अधिकारी व आपूर्तिकर्ता को आरोपी बनाया गया था.
चारा घोटाला में लालू प्रसाद यादव से जुड़े झारखंड में कुल पांच मामले हैं. इनमें से चार मामलों में उन्हें सजा मिल चुकी है. लालू को पहले ही चाईबासा के दो मामले, देवघर व दुमका से जुड़े चारा घोटाले में झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है. वे फिलहाल जमानत पर हैं. अब चारा घोटाले के सबसे बड़े डोरंडा कोषागार मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. 15 फरवरी को अदालत फैसला सुनायेगी. इससे एक बार फिर लालू प्रसाद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं

