दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश चीन चीन तेजी से सिकुड़ती आबादी और बूढ़े होते लोगों की रफ्तार को रोकने के लिए शादी करने और बच्चे पैदा करने पर कई ऑफर दे रहा है। अपनी घटती जनसंख्या से चीन परेशान है। आबादी बढ़ाने के लिए कम्युनिस्ट चीनी सरकार तरह-तरह के उपाय कर रही है। लोगों को एक बच्चे की नीति से आजाद किए जाने के बाद भी कोई खास फर्क नहीं दिख रहा है। चीन ने प्रोत्साहन के रूप में बेबी बोनस, अधिक पेड लीव, टैक्स में कटौती और बच्चे का पालन-पोषण करने वाली सब्सिडी देने का ऐलान किया है।
हम दो हमारे तीन की पालिसी पर काम करते हुए चीन संगठनों और स्थानीय प्रशासन के जरिए माता-पिता को जागरूक करने में लगा है. कई लालच भी दिए जा रहे है. बीजिंग डाबीनॉन्ग टेक्नोलॉजी ग्रुप अपने कर्मचारियों को 90,000 युआन तक नकद, 12 महीने तक की मैटरनिटी लीव और 9 दिनों के पैटर्नल लीव सहित कई ऑफर दे रहा है. कई क्षेत्रों में पितृत्व अवकाश देना, मातृत्व अवकाश एवं विवाह के लिए छुट्टी की अवधि बढ़ाना और पितृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाना आदि शामिल है।
चीन में जन्म दर लगातार पांचवें साल घटी है. चीन की जनसंख्या पिछले साल के अंत तक 1.4126 अरब रही यानी कुल आबादी में पांच लाख से भी कम की वृद्धि हुई । ये आंकड़े विश्व की सबसे ज्यादा आबादी वाले देश के ऊपर मंडराते जनसांख्यिकी खतरे और उसके चलते होने वाले आर्थिक खतरे को लेकर भय पैदा करते हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने कहा कि 2021 के अंत तक, चीन के मुख्य भूभाग में आबादी 2020 की 1.4120 अरब से बढ़कर 1.4126 अरब रही। एनबीएस के आंकड़ों के मुताबिक चीन की जनसंख्या 2020 की तुलना में एक साल में 4,80,000 बढ़ी। 2021 में 1.06 करोड़ बच्चों ने जन्म लिया जो 2020 के 1.20 करोड़ के मुकाबले कम था।

