चीन की राजधानी बीजिंग में चल रहे हो रहे 24वें शीतकालीन ओलंपिक खेलों में एथलीटों को भोजन सहित कई सुविधाएँ ठीक से नहीं मिल रही है. कई देशो के खिलाडियों ने इसको लेकर शिकायतें भी की. किसी ने कहा की खाना देख कर रोना आता है को कोई कह रहा है की किसी लायक का नहीं है. बाहरी देशो से आये खिलाड़ी भेद भाव का भी आरोप लगा रहे है. बुरी सुविधाओं के कारण इसे बता दिया. खिलाड़ी खेल गांव में क्वारंटीन में मिल रहे खाने और बाकी सुविधाओं को घटिया बताने से चीन की किरकिरी हो रही है. पहले ही भारत समेत कई बड़े देशों के राजनियक बहिष्कार से प्रभाव पड़ा है.
बायथलॉन के खेल के लिए भाग लेने आई वेलेरिया वेसनेत्सोवा हाल ही में कोविड पॉजिटिव आईं जिसके बाद उन्हें खिलाड़ियों के लिए बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया। वेलेरिया ने इंस्टाग्राम पर अपनी स्टोरी पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें पोषक खुराक नहीं मिल रही है जिस वजह से वो कमजोर महसूस कर रही हैं। वेलेरिया ने खाने की ट्रे की तस्वीर पोस्ट की और ये तक लिख दिया कि उनकी हड्डियां शरीर से बाहर निकल रही हैं क्योंकि खाना उनकी रोजाना की जरूरतों को पूरा नहीं कर रहा। वेलेरिया के मुताबिक वो आयोजकों के द्वारा दिए जा रहे खाने की वजह से रोज रो रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वेलेरिया ने आयोजकों पर और भी गंभीर आरोप लगाए हैं। वेलेरिया के पोस्ट के मुताबिक खेलों के भाग लेने आए अधिकारियों, डॉक्टरों, अन्य लोगों को काफी अच्छा खाना दिया जा रहा है जबकि सिर्फ खिलाड़ियों के साथ भेदभाव कर घटिया गुणवत्ता का खाना परोसा जा रहा है। हालांकि खबरों के मुताबिक इन सभी आरोपों के सामने आने के बाद आयोजकों ने अपनी गलती सुधारी और वेलेरिया समेत बाकि खिलाड़ियों को अच्छी गुणवत्ता का खाना दिया।
The coach of the Finland men’s ice hockey team accused China of not respecting a player’s human rights and said he was under tremendous mental stress as complaints about COVID-19 isolation protocols piled up at the Winter Olympics
सिर्फ वेलेरिया नहीं अन्य खिलाड़ियों ने भी सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं। फिनलैंड की आइस हॉकी टीम के कुछ खिलाड़ियों को आइसोलेशन में रखा गया है जहां पर कमरे में गंदगी को लेकर उन्होंने शिकायत की है। फिनलैंड की टीम ने तो बुरी सुविधाओं के कारण इसे मानवाधिकार का हनन बता दिया। यही नहीं स्वीडन की स्कायथलॉन की एथलीट फ्रीडा कार्लसन अपने ईवेंट के दौरान थकान और ठंड के कारण बेहोश होते-होते बचीं, जिसके बाद उनकी टीम के हेड ने आयोजकों को चेताया कि वो बर्फीले इलाके में हो रहे ईवेंट को सही समय पर शुरु करें ताकि एथलीटों की जान से खिलवाड़ न हो।

