पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार की किसानो का राजनितिक संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने जमकर आलोचना की है. बुधवार को संयुक्त समाज मोर्चा ने सरकार ने चुनाव से पहले किये गये घोषणा पर अमल नहीं करने का आरोप लगाया.किसान नेता सतबीर सिंह वालिया और प्रोफेसर मनित सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भगवंत मान सरकार ने घोषणा की थी कि 35,000 संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा, लेकिन बाद में उन्होंने उनकी सेवा की अनुबंध की शर्तों को एक साल और बढ़ा दिया. मोर्चा ने मांग की है कि सरकार इस साल गेहूं की उपज को हुए नुकसान का मुआवजा तुरंत घोषित करे.
संयुक्त समाज मोर्चा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 600 यूनिट मुफ्त बिजली (दो महीने के बिलिंग चक्र में) का ऐलान किया था लेकिन अभी भी सरकार इस योजना को क्रियांवित नहीं कर पाई है. उन्होंने पार्टी के राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता द्वारा सतलुज-यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) मुद्दे पर शुरू हुए विवाद का जवाब देने के लिए पंजाब आम आदमी पार्टी से स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने कहा कि वे “पहरेदार” के रूप में प्रदेश में लगातार कार्य करते रहेंगे और पंजाब के हितों को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे.

