सूर्य उपासना का महापर्व छठ व्रत आज नहाय खाय के साथ शुरू हो रहा है. यह व्रत साल में दो बार मनाया जाता है. एक अप्रैल में जिसे चैती छठ और दूसरा नवंबर में कार्तिक मास में दिवाली के बाद जिसे छठ पूजा करते हैं.
चैती छठ में व्रत के पहले दिन नहाय-खाय के व्रत का अनुष्ठान किया जाता है. छठ व्रत की तरह ही चैती छठ भी चार दिन का पर्व है. पहले दिन नहाया खाय, इसके बाद खरना, फिर गुरुवार को अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाता है. व्रत के चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत समाप्त होता है.
चैती छठ 05 अप्रैल से
05 अप्रैल मंगलवार- नहाय-खाय
06 अप्रैल बुधवार – खरना
07 अप्रैल गुरुवार-डूबते सूर्य का अर्घ्य
08 अप्रैल शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य

