BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

चैत्र नवरात्रि:- पांचवे दिन होती है स्कंदमाता की पूजा, मिलता है वैभव और संतान सुख

by bnnbharat.com
April 6, 2022
in समाचार
चैत्र नवरात्रि:- पांचवे दिन होती है स्कंदमाता की पूजा, मिलता है वैभव और संतान सुख
Share on FacebookShare on Twitter

 

 

 

रांची:- नवरात्रि का पांचवां दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप को समर्पित होता है. शास्त्रों के अनुसार, कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है.

मान्यता है कि स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा करने से भक्त की सभी मुरादें पूरी हो जाती है. वहीं, यह भी मान्यता है कि स्कंदमाता संतान प्राप्ति का भी वरदान भक्तों को देती हैं.

 

जानिए कैसा है मां का स्वरूप-

 

भगवान कार्तिकेय (स्कंद कुमार) की मां यानी स्कंदमाता के स्वरूप में भगवान स्कंद 6 मुख वाले बालरूप में माता की गोद में विराजमान हैं. माता ने अपने दाएं ओर की भुजा से कार्तिकेय को पकड़ा हुआ है. इसकी तरफ वाली निचली भुजा में माता ने कमल का फूल पकड़ा है. बाईं ओर की ऊपर वाली भुजा में वरदमुद्रा और नीचे दूसरा श्वेत कमल का फूल है. स्कंदमाता का वाहन सिंह है. माता के चारों ओर सूर्य सदृश और अलौकिक तेजोमय मंडल है.

 

इस विधि से करें देवी स्कंदमाता की पूजा-

 

नवरात्रि के पांचवें दिन स्नान आदि के बाद माता स्कंदमाता का ध्यान करें. इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें. इसके बाद सप्तशती मंत्रों द्वारा स्कंदमाता सहित समस्त समस्त देवी-देवताओं की पूजा करें. अब माता की प्रतिमा या मूर्ति पर अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार और भोग अर्पित करें. स्कंदमाता की पूजा के दौरान सप्तशती का पाठ करना भी शुभ माना जाता है.

 

स्कंदमाता का पूजा मंत्र-

 

‘या देवी सर्वभू‍तेषु स्कंदमाता रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:.’ मान्यता है कि स्कंदमाता की पूजा के दौरान मंत्र का जाप करने से देवी प्रसन्न होती हैं और भक्त को मनचाहा वरदान देती हैं.

 

आज का शुभ रंग-

 

नारंगी. स्कंदमाता को नारंगी रंग अतिप्रिय है. ऐसे में आज के दिन पूजा के दौरान नारंगी वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है.

 

भोग–

कहते हैं कि स्कंदमाता को केला प्रिय है. ऐसे में आज के दिन माता को केले का भोग लगाना शुभ माना जाता है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

अयोध्या: श्रीरामलला विराजमान के दर्शन अवधि में तीन घंटे की बढ़ोत्तरी, सुरक्षा व्यवस्था ATS के जिम्मे

Next Post

1 करोड़ का सोना पति-पत्नी अपने शरीर के अंदर छिपाकर UAE से लाए

Next Post
1 करोड़ का सोना पति-पत्नी अपने शरीर के अंदर छिपाकर UAE से लाए

1 करोड़ का सोना पति-पत्नी अपने शरीर के अंदर छिपाकर UAE से लाए

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d