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जानिए भूगोल का टीचर कैसे बन गया शतक लगाने की मशीन

by bnnbharat.com
March 3, 2021
in समाचार
जानिए भूगोल का टीचर कैसे बन गया शतक लगाने की मशीन
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बीएनएन डेस्कः न्यूरजीलैंड के बाएं हाथ के बल्लेखबाज जॉन रीड का जन्मए आज ही के दिन यानी 3 मार्च को हुआ था. साल की बात करें तो बात 1956 की है. यानी 65 साल पहले. जॉन रीड क्रिकेट की दुनिया के उन चंद बल्लेथबाजों में शुमार हैं, जिनका स्कोएरिंग कन्वूर्जन रेट कमाल का है. यही वजह है कि उन्हों ने अपने छोटे से करियर में अर्धशतकों की बजाय शतकों की लाइन लगा दी. रीड उन चंद खिलाडि़यों में भी शुमार हैं जिन्होंतने अपने मुख्य काम को छोड़कर क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाया. अब आपका अगला सवाल होगा कि रीड का मुख्य काम क्या था. तो इसका मजेदार जवाब है कि जॉन रीड भूगोल के टीचर थे. अब इस दिलचस्पल सफर के बारे में जानने के लिए पढ़ते हैं ये खबर.
दरअसल, ऑकलैंड में पैदा हुए जॉन फुल्ट न रीड ने अपनी एजुकेशन लिनफील्ड कॉलेज से पूरी की. रीड भूगोल के टीचर बने, लेकिन उनकी दिलचस्पीे क्रिकेट में बराबर बनी रही. यही वजह रही कि उन्होंजने सबसे कम पारियों में 1000 टेस्टा रन बनाए जो न्यूलजीलैंड के लिए एक रिकॉर्ड था. उन्हों ने अपना टेस्टल डेब्यूल 23 फरवरी 1979 को पाकिस्तािन के खिलाफ किया. इसके बाद रीड ने 18 और टेस्टक खेले.
19 टेस्टै में 6 शतक और 2 पचासे
करियर के 19 टेस्ट मुकाबलों में उन्होंंने 46.28 के बेहतरीन औसत से 1296 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्लेन से 2 अर्धशतक और 6 शतक निकले. इसमें उच्चखतम स्को र 180 रन का रहा. जॉन रीड ने 101 फर्स्टो क्लासस मैचों में 38.17 की औसत से 11 शतक और 29 अर्धशतकों की मदद से 5650 रन बनाए. उन्हों ने न्यू जीलैंड के लिए 25 वनडे मैच भी खेले. इनमें उनके बलले से 27.52 की औसत से 633 रन निकले. वनडे क्रिकेट में उन्होंरने चार अर्धशतक लगाए.
टीचिंग करियर के लिए विंडीज दौरे पर जाने से इनकार
जॉन रीड के एक करियर का और दिलचस्पर किस्सा5 है. रीड ने 1978 से लेकर 1986 तक न्यूेजीलैंड के लिए क्रिकेट खेला. हालांकि उनके खेलने के दिनों में एक वक्तल ऐसा आया जब न्यूेजीलैंड की टीम को वेस्टहइंडीज का दौरान करना था. ये बात साल 1984-85 की है. तब जॉन रीड को भी न्यूंजीलैंड की टीम में शामिल किया जा रहा था. मगर रीड के फैसले ने सभी को चौंका दिया. दरअसल, जॉन रीड ने वेस्टनइंडीज दौरे पर न जाने का फैसला किया. इसका कारण बड़ा दिलचस्प् था. उन्होंनने कहा कि वो अपने टीचिंग करियर को प्राथमिकता पर रखना चाहते हैं इसलिए दौरे पर नहीं जाएंगे. बाद में जॉन रीड न्यूसजीलैंड क्रिकेट के ऑपरेशंस डायरेक्ट.र बने.

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