झारखंड की उपराजधानी दुमका से एक सनसनीखेज खबर है. जिसने दया कर रात में दी पनाह, उसी परिवार के घर से युवती ने दस हजार नकदी सहित दो मोबाइल उड़ा लिए. बाद में जब आरोपी युवती पकडाई तो पीड़ित परिवार ने उस युवती को घंटों तक हाथ पैर बांध कर रखा. मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को मुक्त कराया. युवती पर पीड़ित परिवार के पोडैयाहाट स्थित घर से 10 हजार रूपये सहित दो मोबाइल चोरी करने का आरोप है. दुमका पुलिस उसे पकड़ पूछताछ कर रही है. आरोपी युवती दीपा मुर्मू जामा प्रखंड के कोयापहाड़ी की रहने वाली है. दीपा के पिता दीवान मुर्मू जामताड़ा जिला के नारायणपुर थाना में हवलदार है.
घटना के बारे में हरिपुर के पीड़ित आदिवासी परिवार का कहना है कि 26 फरवरी को गोड्डा के गंगवारा जाने के लिए बारापलासी स्टेशन पर गोड्डा जाने वाली ट्रेन पर सवार हुए थे. ट्रेन मे ही उनका परिचय दीपा मुर्मू से हुआ था. दीपा मुर्मू इंटरमीडिएट पास है और वह बातचीत में वह उस आदिवासी परिवार में घुल मिल गई. ट्रेन हंसडीहा स्टेशन में काफी देर तक खड़ी रही. ट्रेन काफी रात में गोड्डा पहुंची. युवती ने खुद को अकेली बताते हुए कहा कि रात में वह कहां जाएगी. यह सुनकर आदिवासी परिवार को दया आ गई और वे लोग युवती को अपने साथ घर ले गए. रात में अपने ही घर में युवती को आश्रय दिया. इसी बीच युवती घर के बक्से से 10 हजार रुपया एवं दो मोबाइल को लेकर फरार हो गई. भागकर वह दुमका में अपने घर आ गई. सुबह में परिवार वालों की नींद खुली तो युवती गायब थी. बक्सा खुला हुआ था और दो मोबाइल भी गायब हो गया था.
पोड़ैयाहाट के गंगवारा की रहने वाले उस परिवार का दुमका के हरिपुर में भी मकान है. वे लोग गोड्डा से दुमका लौटे तो एक दिन युवती को बारापलासी हाट में देख लिया. सब ने मिलकर युवती को पकड़ा और हरिपुर लाकर उसके हाथ-पैर बांधकर पुलिस को सूचित किया. मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और हाथ पैर खोलकर युवती को थाने ले आई.

