आयोग गठन, पेंशन वृद्धि व आरक्षण की घोषणा के लिए किया मुख्यमंत्री का अभिनंदन
रांची। झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के केंद्रीय नेताओं ने आयोग गठन, पेंशन वृद्धि तथा आरक्षण के संबंध में त्वरित निर्णय लेने के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अभिनन्दन किया और आभार जताया। मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों के हितों को लेकर मोर्चा द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सराहना की और कहा कि आंदोलनकारी आयोग को कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है और इससे वनांचल शब्द हटा दिया गया है। शीघ्र ही अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति कर इसका गठन कर दिया जाएगा।
मोर्चा के केंद्रीय नेताओं मुमताज खान, विमल कच्छप, प्रवीण प्रभाकर, शफीक आलम और सुशीला एक्का ने विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की और गुलदस्ता तथा स्मृति चिन्ह देकर उनका अभिनन्दन किया तथा आभार जताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोर्चा नेताओं से कहा कि चूंकि वह स्वयं एक आंदोलनकारी के पुत्र हैं, इसलिए उनके दिल में आन्दोलनकारियों के प्रति दर्द है और इस विषय पर उन्होंने मोर्चा की मांगों के अनुरूप कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और आंदोलनकारी आयोग का गठन किया है। साथ ही पेंशन में वृद्धि की गई है और 5% क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया है। साथ ही आयोग के नाम से अब वनांचल शब्द हटा दिया गया है।
मोर्चा नेताओं ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए आशा व्यक्त की कि आयोग गठन के बाद आंदोलनकारियों के चिन्हितिकरण तथा सम्मानित करने की प्रक्रिया तेज होगी। अब तक 64,000 आंदोलनकारियों ने आयोग को आवेदन दिया है लेकिन 20 वर्ष में मात्र 4,000 को ही चिन्हित किया जा सका है तथा मात्र 1,500 को ही पेंशन मिल रहा है। इस प्रक्रिया को तेज किए जाने की आवश्यकता है। कई आंदोलनकारी सम्मान तथा पेंशन की आस लिए ही दुनिया से विदा हो चुके हैं। आंदोलनकारियों के संबंध में अधिकारियों का रुख भी सकारात्मक होना चाहिए। मोर्चा ने शैक्षणिक संस्थानों तथा चौक-चौराहों का नामकरण आंदोलन के शहीदों के नाम करने का सुझाव दिया है।

