झारखंड के बड़कागांव हिंसा से जुड़े एक अन्य मामले में अपर न्यायायुक्त ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, उनकी पत्नी निर्मला देवी और मंटू सोनी को छह-छह माह की सजा सुनाई है. मामले के अन्य पांच आरोपियो को पीआर बॉन्ड पर रिहा किया गया. बता दें कि इससे पूर्व हत्या के प्रयास के मामले में योगेंद्र साव एवं निर्मला देवी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी. दोनों अभी जेल में सजा काट रहे हैं.
बता दें कि बड़कागांव थाना क्षेत्र में 17 मई 2016 को एनटीपीसी के खनन के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों द्वारा 16 दिनों से विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा था. प्रशासन और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई थी. प्रशासन की गाड़ी में तोड़फोड़ भी हुई थी. घटना को लेकर 23 लोगों के खिलाफ बड़कागांव थाने में केस दर्ज कराया गया था. प्राथमिकी के अनुसार स्थानीय ग्रामीण एनटीपीसी से पर्याप्त मुआवजा राशि और पुनर्वास आदि की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. योगेंद्र साव व निर्मला देवी पर आरोप लगाया गया था कि दोनों ने ग्रामीणों को उकसाया व अधिकारियों और कर्मचारियों पर पथराव किया गया. जिसमें पुलिस के वाहनों को क्षति पहुंची. साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डाला गया.

