कोरोना काल में दो साल से सरहुल और श्री रामनवमी पर शोभा यात्रा नहीं निकल रहा था. इस वर्ष कोरोना को लेकर सख्त पाबंदियां समाप्त हो चुकी है. बावजूद सरहुल और श्रीरामनवमी के अवसर पर शोभा यात्रा निकालने को लेकर झारखण्ड में संशय की स्थिति बनी हुई थी. जिससे सरना सनातन के अनुयायी असंतुष्ट थे. विश्इव हिन्नदू परिषद झारखण्ड ने भी इस मुद्दे पर बैठक कर सरकार से शोभा यात्रा निकालने की अनुमती देने की मांग की. कहा संगठन मंत्री देवी सिंह व प्रदेश मंत्री वीरेंद्र साहू ने कहा की सरना सनातन झारखंड की पहचान है. जब कोविड की पाबंदियां करीब करीब हट चुकी है तो सरकार शोभा यात्रा की अनुमति दें. सबके बीच खबर है कि रामनवमी के साथ-साथ सरहुल के मौके पर भी जुलूस निकाला जा सकता है। राज्य सरकार ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। विधिवत अनुमति मिल जाती है तो 2 साल बाद राज्य में रामनवमी और सरहुल के मौके पर जुलूस का आयोजन संभव होगा। बताया जा रहा है जुलूस के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई है ताकि कोविड गाइडलाइंस का पालन हो सके।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को जुलूस के लिए s.o.p. बनाए जाने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि चेहरे पर मास्क, कम भीड़ के साथ जुलूस, अलग-अलग टुकड़ों और निर्धारित समय के शर्तों के साथ जुलूस की अनुमति दी जा सकती है। उसके बाद विभिन्न अखाड़ा और कमेटियां सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार जुलूस निकाल सकते हैं.
इसे मुद्दे पर केंद्रीय महावीर मंडल के प्रतिनिधिमंडल को राज्य के मंत्री सह विधायक श्री रामेश्वर उरांव ने भरोसा दिलाया था. केंद्रीय अध्यक्ष श्री रोहित कुमार जी ने बात चित को आगे बढ़ाते हुऐ जुलूस पर लगी पाबंदी के विषय पर चर्चा भी की । जिस पर मंत्री ने कहा कि सरकार जन भावनाओं का सम्मान करती है. मौके पर केंद्रीय महावीर मंडल के चंदन गोयल, संरक्षक मोहन दुबे , सूरज अग्रवाल, सतीश पांडेय, प्रेम किशोर प्रजापति,अध्यक्ष रोहित कुमार, महामंत्री बिनोद उराँव गुड्डू,उपाध्यक्ष चन्दन गोयल, सरोज प्रजापति, खेल प्रभारी संजय नायक, सचिव उमेश सिंह, अनुपम चौरसिया एवम मीडिया प्रभारी सौरभ समीर शामिल थे.

