रांची: अवैध कोयला उत्खनन ने खलारी के करकट्टा क्षेत्र को खतरे में दाल दिया है. खतरा कितना और कब हो जाए कहा नहीं जा सकता है. खलारी के करकट्टा में बंद पड़ी CCL सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड की माइंस में आग लग गई है. आग को भयावहता इतनी ज्यादा है की उसमे से लपटें निकल रही है. घटना से क्षेत्र के जमींदोज होने का खतरा बढ़ गया है. लोग दहशत में है. बंद पड़े माइंस के अन्दर आग कितनी दूर तक है इसका अंदाजा अभी नही लग पाया है. वहीं आग लगने के कारणों का फ़िलहाल पता नही लग पाया है. बुधवार की सुबह ही इलाके के लोगों ने माइंस के अंदर से आग और धुआं निकलते हुए देखा. थोड़ी देर में पूरा इलाका काले धुएं से भर गया. अगर जल्द ही आग पर काबू नहीं पाया गया तो पूरा इलाका जमींदोज हो सकता है. पूरे इलाके में अंदर ही अंदर कोयला निकाला गया है. आग जमीन के अंदर बचे हुए कोयले के बीच फैल सकती है और स्थिति भयंकर हो सकती है.
बता दे कि सालो पहले सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड माईनिंग करता था, माईनिंग पूरा होने के बाद प्राइवेट कंपनी को ओपेन माइनिंग के लिए आउटसोर्स कर दिया गया. कंपनी ने अपनी समयावधि तक माइंस से कोयला निकाला. लेकिन वनाधिकार का विवाद शुरू होने पर माइंस में खनन का कार्य बंद हो गया था.
इसके बाद लोगों का कहना है कोयला माफियाओं ने स्थानीय लोगों की मदद से एक बार फिर इस माइंस में खनन कार्य प्रारंभ कराया. लगातार छापेमारी के बावजूद जब अवैध कोयला निकासी नहीं बंद हुई तो प्रबंधन ने भूमिगत खदान का मुहाना दो साल पहले बंद करवा दिया था. इसके बावजूद गैस का निकलना जारी रहा. स्थानीय लोगों ने इस समस्या की जानकारी पूर्व में लिखित रूप से सांसद, विधायक तथा कंपनी प्रबंधन को दी लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.
उत्तर करनपुरा महाप्रबंधक संजय कुमार ने कहा कि आग लगने की घटना की जानकारी मिली है. गुरुवार को आग को नियंत्रित करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया जाएगा.
CO एसपी आर्य ने कहा कि यह CCL की खदान हैं. GM को आग पर तत्काल काबू पाने के लिए कहा गया है ताकि जान-माल की क्षति को रोका जा सके.

