झारखण्ड/बरकाकाना: बरकाकाना क्षेत्र के उरलुंग गांव में एक ही परिवार की तीन चिराग हमेशा के लिए बुझ गये. बरकाकाना एवोडिंग स्टेशन के समीप रेलवे निर्माण में बने गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई. तीनों बच्चे बरकाकाना क्षेत्र के उरलुंग गांव के बताये जाते है. तीन बच्चे एक ही परिवार के थे. घटना की सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। देखनेवालों की भीड़ जमा हो गई। पुरे गाँव में चीत्कार मच गया.
जानकारी के अनुसार घटना में अश्विनी उरांव ने अपनी नौ साल की बेटी शैली और सात साल के सुजल को खो दिया. वहीं मरने वालों में तीसरी बच्ची आठ साल की कृति कालीचरण उरांव राय की बेटी थी जो नानी के घर में रहकर पढाई करती थी.
ग्रामीणों ने बताया कि शैली और सुजल पैराडाइज पब्लिक स्कूल अंबवाटांड़, हेहल में पढ़ते थे। बुधवार को स्कूल से लौटने के बाद वे खेलने निकल गये. पर जब शाम 4 बजे तक ट्यूशन जाने के लिए तीनों वापस नहीं लौटे तो घर के लोगों ने खोजना शुरू किया. बरकाकाना एवोडिंग स्टेशन के समीप रेलवे निर्माण में बने गड्ढे के समीप तीनों का चप्पल और कपड़ा दिखा। शक होने पर लोगों ने गड्ढे में तलाशी शुरू की जहाँ से तीनों का शव मिला. इसके बाद तो चीख चीत्कार मच गया.

