झारखण्ड में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं मार्च के अंतिम सप्ताह में हो सकती है. शिक्षा विभाग व झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है. जैक के सचिव महीप कुमार सिंह ने शुक्रवार को शिक्षा सचिव राजेश शर्मा से मिलकर परीक्षा को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। सचिव ने उन्हें परीक्षा की तैयारी करने के निर्देश देते हुए कहा है कि विभाग द्वारा शीघ्र ही परीक्षा के पैटर्न को लेकर विधिवत पत्र जारी कर दिया जाएगा। इधर, जैक सचिव ने परीक्षा की तैयारियों को लेकर सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बता दे कि इस वर्ष करीब साढ़े चार लाख परीक्षार्थी मैट्रिक में और साढ़े तीन लाख परीक्षार्थी इंटरमीडिएट की परीक्षा में देने वाले है.
अबतक की तैयारी के अनुसार, मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा मार्च के अंतिम सप्ताह में होगी। साथ ही पहले एवं दूसरे टर्म की परीक्षा एक साथ होगी। पहली पाली में पहले टर्म के तहत ओएमआर शीट पर परीक्षा ली जाएगी, जबकि दूसरी पाली में दूसरे टर्म के तहत विषयनिष्ठ परीक्षा होगी। इसमें लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे। किसी विषय का प्राप्तांक दोनों परीक्षाओं को मिलाकर तैयार किया जाएगा। दोनों पाली की परीक्षा डेढ़-डेढ़ घंटे की होगी। यह परीक्षा 75-75 प्रतिशत सिलेबस के आधार पर होगी। बता दें कि राज्य सरकार ने स्कूलों के लंबे समय बंद रहने के कारण सिलेबस में 25-25 प्रतिशत की कटौती कर दी है।
मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा गृह केंद्र अर्थात अपने स्कूल में हो सकती है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग कोरोना संक्रमण को देखते हुए गृह केंद्र पर ही परीक्षा कराना चाहता है। हालांकि जैक ने इसमें कई परेशानियों से भी विभाग को अवगत कराया है। जैक के पदाधिकारियों का कहना है कि गृह केंद्र पर परीक्षा होने से वहां प्रश्न पत्र पहुंचाना तथा वहां से उत्तर पुस्तिकाएं मंगाना मुश्किल हो सकता है। अब इसपर विभाग को निर्णय लेना है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष झारखंड में करीब साढ़े चार लाख स्टूडेंटस मैट्रिक की परीक्षा देंगे। वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा में साढ़े तीन लाख स्टूडेंटस भाग लेने वाले हैं। JAC में नए अध्यक्ष अनिल कुमार महतो की तैनाती के बाद से योजना पर कम शुरू हो गया था. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने भी मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा की लेकर संकेत दिए थे.

