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टीएसपी व एसपीएससी द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण व कानून बनाने की मांग

by bnnbharat.com
March 8, 2021
in समाचार
टीएसपी व एसपीएससी द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण व कानून बनाने की मांग
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रांची: झारखंड में अनुसूचित जनजाति उपयोग और अननुसूचित जाति उपयोजना द्वारा चलायी जा रही सभी योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण उसी समुदाय से कराने तथा झारखंड टीएसपी और एससीएसपी के लिए कानून बनाने बात आज रांची स्थिति एचआरडीसी में आयोजित आदिवासी, दलित व अल्पसंख्य समुदाय के संगठन तथा संस्थाओं की में गयी गयी। बैठक का आयोजन दलित आर्थिक अधिकार आंदोलन-एनसीडीएचआर व भोजन के अधिकार अभियान के द्वारा गयी थी।
बैठक में बोलते हुए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता बलराम जी ने कहा कि झारखंड में टीएसपी और एससीएसपी द्वारा बहुत सारी योजनाएं चलायी जा रही है, मगर इन योजनाओं में लूट मची हुई है, इसके साथ ही साथ टीएसपी और एससीएसपी के राशि का विचलण हो रहा हैं, जिसके कारण आदिवासी, दलित व वंचित समुदाय को सीधे तौर नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड एक आदिवासी राज्य है यहां आदिवासी उपयोजना के संचालन के लिए कानून नहीं है, यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को वर्तमान सत्र में टीएसपी के लिए कानून लाने की जरुरत है। रामदेव विश्वबंधू ने कहा कि अबर सरकार सच झारखंड के दलित व आदिवास समुदाय का विकास चाहती है, तो झारखंड में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए कानून बनाना चाहिए और उपयोजना द्वारा चलायी जा रही योजनाओं निगरानी और एमआईएस विकसित करने की जरूरत है। गणेश रवि ने कहा कहा कि कानून के साथ सामाजिक अंकेक्षण होना जरूरी है। दलित आर्थिक अधिकार आंदोलन-एनसीडीएचआर के राज्य समन्वय मिथिलेश कुमार ने कहा कि झारखंड आदिवासी और दलित उपयोजना के लिए झारखंड सख्त कानून की जरूरत है, तभी उप योजना आदिवासी व दलित समुदाय को उपयोजना का लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य पोस्ट मैट्रिक स्काॅलरशीप योजना को काफी जटील बनायी गयी, जिसके कारण अधिकांश दलित व आदिवासी छात्र-छात्राएं आवेदन नहीं कर पाते हैं और पोस्ट मैट्रिक स्काॅलरशीप जैसे महत्वपूर्ण योजना से वंचित रह जाते है। बैठक यह निर्णया लिया गया के पाइलट के तौर कुछ जिलों टीएसपी और एससीएसपी के चलायी जा रही योजना का सामाजिक अंकेक्षण किया जायेगा कार्यान्वयन एजेंसी को जवावदेह बनाया जा सके। उन्होने कहा कि झारखंड अगर मात्र पांच के बजट आंकेड़ों देखा जायेगा, टीएसपी केे बहुत बड़ी राशि का विचलण किया गया है या फिर गैर योजना मद में खर्च की गयी, जो टीएसपी गाईड लाइन का भी उल्लंघन
अफजल अनिश ने कहा कि आदिवासी, दलित समुदाय के साथ अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों आज परेशान है। उन्होंने झारखंड के अल्पसंख्यक समुदाय के लिए मिलने वाली छात्रवृति में बड़े पैमाने पर घोटाला हुई, जो काफी गभीर मामला है।
बैठक में भोजन के अधिकार अभियान के राज्य संयोजक अशर्फीनंद प्रसाद, दलित युवा सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार भुईया, प्रत्युष, उदय सिंह, अमेरिका उरांव, मनिकचंद कोरवा, सुशीला लकड़ा, राजेश लकड़ा, दिनेश मुर्मू, राजन कुमार, मुनेश्वर कोरवा, माधुरी हेम्ब्रम सहित कई लोगों ने अपनी-अपनी बात रखी और झारखंड टीएसपी और एसएसपी के लिए कानून बनाने और टीएसपी से संचालित सभी योजनाओं को सामाजिक अंकेक्षण कराने की मांगी.

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