घरेलू तेल कंपनियों ने 3 नवंबर से पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. लेकिन तब से लेकर अब तक कच्चा तेल 20 डॉलर प्रति बैरल से से भी ज्यादा महंगा हो गया है. जानकारों का कहना है कि अगर रूस यूक्रेन युद्ध लंबा चलता है तो कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं.ऐसे हालातों में घरेलू तेल कंपनियां डीजल और पेट्रोल के रेट 15 रुपये लीटर तक बढ़ा सकती हैं.

