तृतीय विश्व युद्ध रोकने के लिये अयोध्या में संतों ने किया विश्व कल्याण महायज्ञ. तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य के नेतृत्व में विश्व कल्याण की भावना से किया गया महायज्ञ। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में सम्पूर्ण विश्व को परिवार की तरह माना जाता है. सर्वे भवन्तु सुखिनः अर्थात् सभी मानवतावादी सुखी रहें की ईश्वर से प्रार्थना की जाती है. जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि विज्ञान भी यज्ञ को मानता है और मानवता को बचाने के लिये यज्ञ ही सर्वोच्च उपाय माना जाता है.

