तलंगाना : मुंबई में पिछले साल बड़े स्तर पर हुए पावर कट के लिए चीन के साइबर हमले को जिम्मेदार मानने से इनकार करने के बाद तेलंगाना विद्युत विभाग के एक अधिकारी ने कहा है कि उन्हें सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी से 40 सब-स्टेशनों में चाइनीज मालवेयर के हमला करने के बारे में अलर्ट भेजा गया था.
सोमवार देश शाम इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम के एक विश्वसनीय सूत्र के हवाले से बताया कि चीन के एक्टर ग्रुप ने तेलंगाना एसएलडीसी यानि स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर से जुड़े सिस्टम से कम्यूनिकेट करने की कोशिश की थी, जिसके बाद तेलंगाना पावर को सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाने को कहा गया. एसएलडीसी का काम राज्य में विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखना है.
वहीं अमेरिकी कंपनी रिकॉर्डेड फ्यूचर ने, जो राज्य प्रायोजित हैकरों की अवैध गतिविधियों पर निगाह रखती है. कंपनी ने कहा है कि एक भारतीय बंदरगाह के नेटवर्क सिस्टम में चीन द्वारा प्रायोजित हैकरों ने जो कनेक्शन खोला है, वह अभी भी एक्टिव है. बावजूद इसके कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दक्षिण एशियाई देशों के इलेक्ट्रिक सेक्टर में हैकरों के सेंध लगाने की कोशिश को ब्लॉक कर दिया गया है. अमेरिकी कंपनी ने इस बारे में अधिकारियों को अलर्ट भी किया है. रिकॉर्डेड फ्यूचर के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर स्टुअर्ट सोलोमन ने कहा कि कल तक हम एक हैंडशेक का निशान देख रहे थे, इसका मतलब है कि चीन से जुड़े हैकरों के ग्रुप और भारतीय मैरिटाइम पोर्ट के बीच ट्रैफिक का आदान प्रदान हुआ है.
रिकॉर्डेड फ्यूचर ने चीनी हैकरों के समूह को रेडएको नाम दिया है और कहा है कि 10 फरवरी को भारत के कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम को सूचित किए जाने तक रेडएको हैकरों ने भारतीय पावर ग्रिड से जुड़े कम से कम 10 प्रतिष्ठानों और 2 मैरिटाइम पोर्ट को टारगेट किया है. सोलोमन ने कहा कि भारतीय प्रतिष्ठानों और हैकरों के बीच 28 फरवरी तक ये कनेक्शन एक्टिव थे. पोर्ट के संदर्भ में सोलोमन ने कहा कि ये अभी भी सक्रिय है. भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के प्रवक्ता ने मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. वहीं, कल चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि बिना किसी सबूत के किसी एक पक्ष पर आरोप लगाना गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है

