झारखंड की उपराजधानी दुमका में जालसाजी और धोखाधड़ी के अभियुक्त को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए छह साल का सश्रम कारावास और जुर्माना किया है. यह सजा न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी ऋत्विका सिंह की न्यायालय ने सुनाया. न्यायालय ने अभियुक्त नजरूल इस्लाम को जालसाजी एवं धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार देते हुए छह साल सश्रम कारावास और 10 हजार रूपये जुर्माना सुनाया. अभियुक्त पर धोखाधड़ी व जालसाजी का केस नगर थाना में भादवि की धारा 419/ 420/ 46/ 468 एवं 471 के तहत दर्ज की गई थी.
दुमका: जिदगी भर की कमाई हडपने वाले जालसाज को छः साल सश्रम कारावास और दस हजार रूपये जुर्माना
जिन्धी भर की कमाई को हड़पने वाले जालसाज को कोर्ट ने छः साल सश्रम कारावास और दस हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाई है. अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अलग अलग धाराओं में अलग अलग दंड दिए और उन दण्डो को एक के बाद एक भुगते जाने का आदेश पारित किया. मामला दुमका के रानेश्वर थाना क्षेत्र के रंगलिया गांव का है. जहाँ पीएचडी विभाग के सेवानिवृत्त चतुर्थवर्गीय कर्मी रफाएल बास्की को अभियुक्त नजरूल इस्लाम जाल में फंसा कर पीड़ित के खाते से 13लाख 85 हजार 760 रूपये जालसाजी कर निकल लिये. नजरूल इस्लाम ने खुद को भारतीय स्टेट बैंक SBI का कर्मी बताते हुए पीड़ित से सादे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिया. उसके बाद पीड़ित के आधार और पैन कार्ड का उपयोग करते हुए नया चेकबुक प्राप्त कर लिया. और उसी चेक के माध्यम से पीड़ित के बैंकखाते से उसकी सम्पूर्ण सेवानिवृत्ति लाभ के रुपए निकाल लिए.
पैसे की निकासी एसबीआई मेन ब्रांच, दुमका से किया. मामला उजागर होने पर पुलिस ने पैसे समेत अन्य साक्ष्य रानेश्वर थाना क्षेत्र से बरामद किया. अभियुक्त के पास से विभिन्न फर्जी दस्तावेज और अन्य व्यक्तियों के चेक इत्यादि निजी दस्तावेज पुलिस ने बरामद किया था.

