झारखंड में देवघर के समीप त्रिकुट पर्वत पर रोपवे हादसा में फंसे हुए 26 लोगों को अबतक निकाला जा चुका है. एयरफोर्स व एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू कर रही हैं. अब तक 04 लोगों को एयर लिफ्ट और 04 लोगों को वर्टीकल लैंड कराया गया. करीब 19 घंटे बाद पहले व्यक्ति को निकाला जा सका. बता दें कि रविवार को शाम 4 बजे के बाद यह घटना हुई थी जब रोपवे का एक तार टूट गया. झारखंड में देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जल्द ही सभी फंसे हुए लोगों को सभी के सहयोग से सुरक्षित निकाल लिया जाएगा.
देवघर के त्रिकूट पर्वत पर रोपवे हादसे के बाद फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए आज सुबह से सेना के हेलीकॉप्टर लगाये गये हैं. अभी 48 लोग अलग-अलग ट्रॉलियों में लगभग 2000 फीट की ऊंचाई पर फंसे हुए है. रविवार शाम हुए रोपवे हादसे में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई है वहीं आठ लोगों का देवघर सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है.
इंडियन एयर फोर्स द्वारा हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन तार की वजह से हेलीकॉप्टर को परेशानी हो रही हैं. हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे एयरफोर्स के जवान केविन तक पहुंचने की मशक्कत कर रहे हैं. इंडियन एयरफोर्स की टीम लगाकार बचाव कार्य में जुटी हैं. गहराई ज्यादा होने की वजह से एयरफोर्स के जवान को केबिन तक पहुंचने में दक्कित हो रही है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि एयरफोर्स और एनडीआरएफ से मदद ली गयी है. इस काम में विशेषज्ञों से सहायता ली जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रोपवे को जिन लोगों ने बनाया है, उनकी टीम भी पहुंच गयी हैं, लेकिन सभी तैयारी सुबह से ही पहुंच गये है और चीजों पर सरकार की नजर हैं.
स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि देवघर रोप वे दुर्घटना पर जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्यवाई की जाएगी, आपदा प्रबंधन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार, इंडियन आर्मी और इंडियन एयर फोर्स के मदद से राहत कार्य कर रही है. सरकार की प्राथमिकता लोगो की जान बचाने की है. एनडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में लगी है.

