झारखंड के देवघर के समीप त्रिकूट पर्वत रोप वे हादसा पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है. कोर्ट ने इसकी उच्च स्तरीय जांच करने को कहा है. चीफ जस्टिस ने इसे गंभीर मामला बताते हुए 25 अप्रैल तक सरकार को जवाब देने को कहा है. कोर्ट ने कहा पहले भी वर्ष 2009 में गड़बड़ी हुई थी, लेकिन उससे सबक नहीं लिया गया और घटना दुबारा हुई.
महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं. अब कुछ ही लोग रह गए हैं, जिनका रेस्क्यू करना बाकी है. सभी को निकाल लिया गया है.
बता दें कि रामनवमी के मौके पर बड़ी संख्या में पयर्टक त्रिकूट पर्वत पर पहुंचे थे. करीब चार बजे रोपवे का एक तार टूट गया. जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी. कुल 48 लोग हवा में लटक रही ट्रॉलियों में फंस गये जिन्हें निकालने के लिए सेना और एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

