धनबाद के अस्पताल एसएनएमएमसीएच में माइक्रोबायोलॉजी विभाग में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने आज एसएनएमएमसीएच के प्राचार्य कार्यालय के समक्ष धरना दिया. इन स्वास्थ्य कर्मियों को कार्य से मुक्त कर दिया गया है. जिसके विरोध में प्राचार्य कार्यालय के समक्ष धरना देते हुए जिला प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की. नारेबाजी करते हुए दीपक कुमार ने कहा कि दो साल से काम कर रहे हैं. अब अचानक काम से निकल दिया गया. पांच माह से मानदेय भुगतान भी नहीं हुआ है. कोरोना काल में कई कर्मचारी काम करने के दौरान संक्रमित हुए हैं. हम फिर भी काम करते रहे. कोरोना वारियर्स को काम से हटा कर ये कैसा सम्मान सरकार हमें दे रही है. कोरोना काल में हमने जान जोखिम में डाल कर मरीजों की सेवा की है. हमें कार्यमुक्त नहीं कराया जाए और पुनः बहाल किया जाए. कर्मचारियों ने झरिया विधायक को भी ज्ञापन सौंपा है.
माइक्रोलैब के प्रभारी सुजीत कुमार तिवारी ने बताया कि आउटसोर्सिंग में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा दो भागों में समाप्त की जा रही है. एसएनएमएमसीएच में माइक्रोलैब विभाग में आउटसोर्सिंग पर 36 स्वास्थ्यकर्मी काम कर रहे हैं जिनमें पहली बार 25 मार्च को 12 से 14 स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा समाप्त हो जाएगी, वहीं शेष स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा 31 मार्च को समाप्त होगी.

