उत्तरप्रदेश/धौलपुर : भक्ति के कई मायने होते है. धौलपुर जिले में शिवरात्रि पर महाकाल की भक्ति और देशभक्ति दोनों एक साथ देखने को मिला. धीमरी गांव निवासी 35 लोगों का जत्था एक फौजी के नेतृत्व में सोरों से 1108 डमोले और 105 किलो भजन की कावड़ में तिरंगा झंडा लगाकर शहर में पहुंचे और भगवान शंकर को कांवड़ अर्पित कर गंगाजल से अभिषेक किया. कांवड़ यात्रा का नेतृत्व कर रहे कुलदीप फौजी ने बताया कि शिवरात्रि पर महाकाल की पूजा पर शहीदों को श्रद्धांजली का इससे बढकर उपट और क्या हो सकता.
उन्होंने बताया कावड़ के अंदर 1008 डमोले हैं. कावड़ का टोटल वजन 105 किलो है. महाशिवरात्रि पर्व के दिन सैंपऊ के ऐतिहासिक शिव मंदिर पर भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर कावड़ का गंगा जल अर्पित किया गया. 35 लोगों का जत्था करीब 250 से अधिक किलोमीटर का सफर तय कर धौलपुर पहुंचा. कांवड़ में 1108 डमोले थे. महाशिवरात्रि पर एक मुस्लिम युवक हुसैन अल्वी ने भी शिव मंदिर पहुंच भोलेनाथ को कांवड़ अर्पित किया. सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बने हुसैन अल्वी की भी चर्चा थी. वह उत्तर प्रदेश के सोरों जी से कांवर लेकर महादेव पर अर्पित करने के लिए पहुंचा था.

