नेपाल:- नेपाल सरकार ने एक बार फिर दावा किया है कि लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी उसके अभिन्न अंग हैं. इतना ही नहीं नेपाल ने भारत से अपील की है कि इन क्षेत्रों में सभी निर्माण कार्य रोके जाएं. हालांकि, नेपाल ने साथ ही ये भी कहा है कि वह बॉर्डर विवाद को राजनयिक स्तर पर सुलझाना चाहता है. नेपाल की यह प्रतिक्रिया भारतीय दूतावास के उस बयान के बाद आई, जिसमें कहा गया कि नेपाल के साथ अपनी सीमा पर भारत की स्थिति स्पष्ट है. इसकी सूचना नेपाल सरकार को दे दी गई है.
बयान में कहा गया है कि पारस्परिक रूप से सहमत सीमा मुद्दे जो बकाया हैं उन्हें हमेशा हमारे घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों से हल किया जा सकता है. नेपाल के आईटी मंत्री ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की, जो सरकार में प्रवक्ता भी हैं. उन्होंने कहा, सरकार इस तथ्य के बारे में दृढ़ और स्पष्ट है कि महाकली नदी के पूर्व में लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी क्षेत्र नेपाल का एक अभिन्न अंग है. ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की ने मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए कहा, नेपाल सरकार भारत सरकार से नेपाली क्षेत्र से गुजरने वाली किसी भी सड़क के निर्माण और विस्तार जैसे सभी एकतरफा कदमों को रोकने की अपील करती है.
कार्की ने कहा, नेपाल की सरकार दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संधि, समझौतों, दस्तावेजों और मानचित्रों के आधार पर और नेपाल और भारत के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों की भावना बॉर्डर विवाद को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है.

